केंद्रीय बजट 2026 के दिन शेयर बाजार ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। दिनभर तेज उतार-चढ़ाव के बाद घरेलू बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ और इसने पिछले पांच वर्षों में बजट वाले दिन की सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। बजट घोषणाओं के दौरान शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिससे अंत तक निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर बना रहा।
दिनभर चला उतार-चढ़ाव का दौर
कारोबार की शुरुआत अपेक्षाकृत स्थिर रही, लेकिन बजट भाषण के आगे बढ़ने के साथ ही सेक्टर आधारित तेज प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई शेयरों में मुनाफावसूली शुरू हुई और दोपहर बाद यह बिकवाली व्यापक हो गई। बड़े बैंकिंग, आईटी और इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में कमजोरी ने बाजार की गिरावट को और गहरा कर दिया। जब वित्त मंत्री ने भाषण शुरू किया, तो
कहां बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,546.84 अंक यानी 1.88% टूटकर 80,722.94 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 495.20 अंक यानी 1.96% की गिरावट के साथ 24,825.45 के स्तर पर बंद हुआ। यह गिरावट पिछले कई बजट सत्रों की तुलना में ज्यादा गहरी रही, जहां आम तौर पर बाजार सीमित दायरे में ही ऊपर या नीचे बंद होता था।
पांच साल का सबसे कमजोर बजट डे
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो बजट वाले दिन बाजार में कभी हल्की तेजी तो कभी मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन इस बार का सत्र अपेक्षा से कहीं अधिक कमजोर साबित हुआ। 2022 से 2025 के बीच बजट डे पर इतनी बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई थी, जिससे 2026 का बजट सत्र हालिया वर्षों का सबसे कमजोर बाजार सत्र बन गया।
| तारीख | ओपन | हाई | लो | क्लोज | बदलाव (अंक) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 फरवरी 2022 | 17,529.45 | 17,622.40 | 17,244.55 | 17,576.85 | +47.40 | +0.27% |
| 01 फरवरी 2023 | 17,811.60 | 17,972.20 | 17,353.40 | 17,616.30 | -195.30 | -1.10% |
| 01 फरवरी 2024 | 21,780.65 | 21,832.95 | 21,658.75 | 21,697.45 | -83.20 | -0.38% |
| 01 फरवरी 2025 | 23,528.60 | 23,632.45 | 23,318.30 | 23,482.15 | -46.45 | -0.20% |
| 01 फरवरी 2026 | 25,333.75 | 25,440.90 | 24,571.75 | 24,825.45 | -495.20 | -1.96% |
आगे क्या रहेगा बाजार का फोकस
विश्लेषकों का कहना है कि बजट डे पर बाजार की प्रतिक्रिया अक्सर शुरुआती भावनाओं पर आधारित होती है, जबकि असली ट्रेंड अगले कुछ कारोबारी सत्रों में बनता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बजट में घोषित नीतियों का कॉरपोरेट कमाई और अर्थव्यवस्था पर वास्तविक असर क्या पड़ता है। ऐसे में बाजार अगले कुछ दिनों में स्थिरता खोजने की कोशिश कर सकता है, लेकिन फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
