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Share Market Crash: इन 4 कारणों से टूटा बाजार, निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स लगभग 693.86 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 213 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,913.30 पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।

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Share Market Crash

Share Market Crash: घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स लगभग 693.86 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 213 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,913.30 पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।

आखिर क्यों टूटा बाजार?

आइए जानते हैं उन 4 बड़ी वजहों को जिनकी वजह से भारतीय शेयर बाजार अचानक धराशायी हो गया

जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस और जेरोम पॉवेल का भाषण

दुनियाभर के निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की स्पीच पर टिकी हुई है। जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस में उनका बयान अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा तय करेगा। इसी वजह से निवेशकों ने पहले ही मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा।

रुपये की कमजोरी

डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे फिसलकर 87.36 के स्तर पर बंद हुआ। यह उस समय हुआ जब कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट थी। हालांकि, आरबीआई के दखल से नुकसान ज्यादा नहीं बढ़ा, लेकिन रुपया कमजोर होने से निवेशकों का भरोसा डगमगाया।

अमेरिकी टैरिफ का असर

भारत पर इस समय 25% अमेरिकी टैरिफ लागू है, जो 27 अगस्त से बढ़कर 50% हो जाएगा। इस भारी-भरकम टैरिफ की खबर ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया और बाजार में डर का माहौल बना दिया।

लगातार 6 दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली

जीएसटी रिफॉर्म्स के ऐलान के बाद बाजार लगातार 6 दिन तक चढ़ा था। लेकिन शुक्रवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। सबसे ज्यादा दबाव आईटी और बैंकिंग सेक्टर में रहा। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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