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Share Market Closing : क्यों नहीं टिक पाई दिनभर की तेजी, जानें गिरावट की 3 बड़ी वजह

शेयर बाजार फिलहाल मजबूत अंडरटोन के साथ रेंज बाउंड बना हुआ है। खासतौर पर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में दिनभर की तेजी नहीं टिक पाई है। जानें गिरावट की तीन बड़ी वजह।

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शेयर बाजार रहा रेंज बाउंड

Stock Market Closing: शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मुनाफावसूली और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 626 अंकों तक चढ़ गया था, जबकि निफ्टी भी 24,677 के स्तर तक पहुंचा। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर बिकवाली आने से बाजार की रफ्तार थम गई और अधिकांश बढ़त खत्म हो गई।

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दिए गए बयान के बाद बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता का रहा। इसके अलावा निवेशकों की मुनाफावसूली और निफ्टी के लिए 24,700 का मजबूत रेजिस्टेंस भी बाजार को ऊपर टिकने नहीं दे पाया।

कैसी रही बाजार की चाल?

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 626.43 अंक चढ़कर 79,055.38 तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 62.70 अंक की तेजी के साथ 24,677.60 पर पहुंचा। लेकिन दिन के अंत तक तेजी लगभग खत्म हो गई। सेंसेक्स 152.05 अंक यानी 0.19 फीसदी की बढ़त के साथ 78,581 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक यानी 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर बंद हुआ।

बाजार क्यों फिसला? जानिए 3 बड़ी वजहें

1. ट्रंप के बयान से बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द नहीं खुला तो ईरान को "बहुत मजबूत जवाब" दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 48 घंटे हालात के लिहाज से अहम होंगे। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ गई और भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला।

2. ऊंचे स्तर पर निवेशकों ने की मुनाफावसूली : सुबह की तेज तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। शुरुआती खरीदारी का जोश धीरे-धीरे कम हुआ और बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

3. 24,700 के पास मजबूत रेजिस्टेंस : निफ्टी जैसे ही 24,677 के करीब पहुंचा, वहां भारी बिकवाली देखने को मिली। एक्सिस सिक्योरिटीज के अनुसार 24,700 और 24,772 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस है। यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर टिकता है तो 24,900 तक की तेजी संभव है। वहीं नीचे की ओर 24,500 पहला और 24,427 दूसरा अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

कारोबार के दौरान आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और कोल इंडिया के शेयरों में करीब 1 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं श्रीराम फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर लगभग 2 फीसदी तक चढ़े।

मार्केट ब्रेड्थ रही मजबूत

हालांकि प्रमुख सूचकांकों में तेजी सीमित रही, लेकिन व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। NSE पर कारोबार के अंत तक 3,472 शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इनमें 1,974 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,394 शेयरों में गिरावट रही और 104 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार की दिशा पर वैश्विक घटनाक्रम और कॉरपोरेट नतीजों का असर बना रहेगा। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और निफ्टी 24,700 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है। वहीं 24,500 का स्तर निकट अवधि के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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