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Shadowfax IPO: आखिरी दिन QIB की ताबड़तोड़ बिडिंग से 2.86 गुना सब्सक्राइब, लिस्टिंग इस दिन

लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर Shadowfax Technologies का IPO आखिरी दिन फुल सब्सक्राइब हो गया। हालांकि, यह ओवरऑल मजबूत डिमांड की जगह QIB और रिटेल कैटेगरी में हुए ओवर-सब्सक्रिप्शन का नतीजा है। तीसरे दिन भी NII कोटा पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो पाया है। इसके अलावा ग्रे मार्केट में उत्साह ठंडा पड़ गया है।

Shadowfax IPO

2 गुना से ज्यादा हुआ सब्सक्रिप्शन

Shadowfax Tech IPO को बिडिंग के आखिरी दिन कुल 2.86 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। NSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू को कुल 8.47 करोड़ शेयरों के मुकाबले 24.00 करोड़ शेयरों की बोलियां मिलीं। इससे साफ है कि आखिरी दिन निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और इश्यू मजबूत तरीके से क्लोज हुआ।

QIB ने संभाला मोर्चा

सब्सक्रिप्शन डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने IPO में अच्छी दिलचस्पी दिखाई और यह कैटेगरी 2.32 गुना सब्सक्राइब रही। वहीं QIB हिस्सा 4.00 गुना भर गया, जो बताता है कि संस्थागत निवेशकों ने भी इश्यू में मजबूत हिस्सेदारी ली। दूसरी तरफ NII कैटेगरी में रिस्पॉन्स कमजोर रहा और यह सिर्फ 0.85 गुना सब्सक्राइब हो पाई।

वैल्यूएशन 7,100 करोड़ पार

कंपनी ने IPO से पहले 856 करोड़ रुपये एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए थे। इश्यू का प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन 7,100 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठता है। Shadowfax IPO में 1,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू है, जबकि मौजूदा शेयरधारक 1,000 करोड़ रुपये का OFS ला रहे हैं।

GMP हुआ जीरो

ग्रे मार्केट से इस IPO को लेकर फिलहाल ठंडे संकेत मिल रहे हैं। उपलब्ध डेटा के मुताबिक Shadowfax Technologies का लेटेस्ट GMP 0 रुपये बताया गया है। इसका मतलब है कि अनऑफिशियल मार्केट में अभी लिस्टिंग गेन की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है और अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 124 रुपये के आसपास ही माना जा रहा है। GMP ट्रेंड देखें तो पहले यह 16 रुपये तक गया था, लेकिन बिडिंग के आखिरी दिन तक लगातार फिसलकर 0 रुपये पर आ गया। यह गिरावट बताती है कि बाजार में लिस्टिंग पॉप को लेकर उत्साह कमजोर पड़ा है, भले ही सब्सक्रिप्शन मजबूत रहा हो।

अलॉटमेंट-लिस्टिंग कब

Shadowfax Tech IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी को होने की संभावना है। वहीं कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज पर हो सकती है।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमता बढ़ाने, शुरू और आखिर तक नए सेटअप की लीज पेमेंट, सॉर्ट सेंटर्स, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर खर्च किया जाएगा।

कैसा है बिजनेस मॉडल?

Shadowfax को Flipkart, TPG, Eight Roads Ventures, Mirae Asset Ventures और Nokia Growth Funds जैसे बड़े निवेशकों का सपोर्ट मिला हुआ है। कंपनी ई-कॉमर्स एक्सप्रेस पार्सल और वैल्यू-ऐडेड लॉजिस्टिक्स सर्विसेज में खुद को मजबूत खिलाड़ी मानती है। इसके अलावा ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि D2C सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और H1FY26 में इसका योगदान करीब 25% रेवेन्यू तक पहुंच गया। रेवेन्यू मिक्स में एक्सप्रेस बिजनेस का योगदान 70%, हायपरलोकल 20%, जबकि बाकी 10% अन्य लॉजिस्टिक्स सर्विसेज से आता है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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