Sensex target: लंबे समय से मंदी का सामना कर रहे भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए गुड न्यूज है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने कमाई में सुस्ती और तेल की कीमतों में अचानक उछाल के बावजूद Sensex का टारगेट 89,000 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मनना है कि सेंसेक्स का यह लेवल अगले 12 महीनों में आ सकता है। यानी ब्रोकरेज फर्म का सेंसेक्स का यह टारगेट जून 2027 तक 15% की बढ़त की संभावना दिखाता है।
क्यों शेयर बाजार में लौटेगी तेजी?
भारत को डिफेंसिव ग्रोथ मार्केट बताते हुए, Morgan Stanley का मानना है कि छह-तिमाही की मिड-साइकिल मंदी से उबरने के बाद कमाई में तेजी आएगी। इसे RBI की ब्याज दरों में कटौती, बैंकों के नियमों में ढील और लिक्विडिटी बढ़ाने जैसे कारकों का समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, उर्वरक और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में मजबूत पूंजीगत खर्चउबरने(Capex) के रुझान, बड़े टैक्स कट और अपेक्षाकृत प्रोत्साहन देने वाली राजकोषीय नीतियां भी इसमें सहायक होंगी। मजबूत घरेलू विकास, स्थिर वैश्विक विकास और मौजूदा स्तरों से तेल की कीमतों में गिरावट भी इसको सपोर्ट करेगा।
वैल्यूएशन के मोर्चे पर, Morgan Stanley ने पाया कि पिछले 12 महीनों का सापेक्ष प्रदर्शन इतिहास में सबसे खराब स्तर पर है और सापेक्ष वैल्यूएशन अपने पिछले निचले स्तरों पर हैं, जबकि विदेशी निवेशकों की स्थिति कई वर्षों के निचले स्तर पर है। हालांकि, उसने कहा कि वैश्विक मुनाफे में भारत की हिस्सेदारी, वैश्विक सूचकांक में उसके भार (weight) से 2009 के बाद से अब तक के सबसे बड़े अंतर से अधिक है, जिससे यह ब्रोकरेज फर्म भारत की विकास गाथा (India story) को लेकर काफी बुलिश है।
सेक्टर पर दांव
सेक्टर के हिसाब से, मॉर्गन स्टेनली डिफेंसिव और बाहरी सेक्टरों के मुकाबले घरेलू साइक्लिकल सेक्टरों पर दांव लगा रहा है। उसका मानना है कि भारत के लिए मुख्य जोखिम ज्यादातर बाहरी हैं, जिनमें जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक विकास में सुस्ती शामिल है। इसके चलते फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टरों में वैल्यू नजर आती है।
