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दो दिन में ₹11 लाख करोड़ साफ, आएगा बड़ा क्रैश या संभलेगा बाजार, क्या कह रहा डेटा?

पिछले दो कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार से 11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो चुकी है। निफ्टी-सेंसेक्स दो दिन में 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुके हैं। ऐसे में 4 मार्च को जब बाजार खुलेगा, तो और बड़ा क्रैश आएगा या रिकवरी होगी, क्या कह रहा डेटा?

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ग्लोबल मार्केट में दिखी गिरावट

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Indian Stock Market Crash : लगातार दो कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹11 लाख करोड़ की पूंजी उड़ गई। BSE Sensex और Nifty 50 तीन फीसदी से ज्यादा लुढ़क चुके हैं। 4 मार्च को बाजार खुलेगा तो क्या और गिरावट आएगी या रिकवरी दिखेगी? डेटा और संकेतों से समझते हैं कैसी हो सकती है आगे की तस्वीर?

सेंसेक्स-निफ्टी के टूटे अहम स्तर

दो दिन की बिकवाली ने मार्केट स्ट्रक्चर को काफी कमजोर कर दिया है। सेंसेक्स 81,000 के नीचे फिसल गया है। वहीं, निफ्टी भी 24,900 के अहम सपोर्ट और मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ चुका है। यह गिरावट केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि तकनीकी संकेतों से भी पुष्ट होती दिख रही है। डेली चार्ट पर निफ्टी राइजिंग ट्रेंडलाइन के नीचे है और मोमेंटम इंडिकेटर RSI बेयरिश जोन में बना हुआ है। निफ्टी का अगला सपोर्ट 24,600 के आसपास है। इसके नीचे क्लोजिंग गहरे करेक्शन का रास्ता खोल सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ 25,000 अब मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है

वोलैटिलिटी और रिस्क सेंटिमेंट का संकेत

इंडिया VIX में 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है, जो बाजार में डर और अनिश्चितता के बढ़ने का संकेत है। ऊंचा VIX आमतौर पर शॉर्ट टर्म में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। ऐसे माहौल में हर उछाल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी जा सकती है, जब तक कोई मजबूत सकारात्मक ट्रिगर न मिले।

FII बनाम DII, किसका पलड़ा भारी?

हालिया सत्र में विदेशी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी कर बाजार की गिरावट में संतुलन बनाने की कोशिश की है। यह संकेत देता है कि घरेलू लिक्विडिटी फिलहाल बाजार को पूरी तरह फिसलने से रोक रही है। SIP इनफ्लो और रिटेल भागीदारी भी सपोर्ट फैक्टर बने हुए हैं।

कच्चा तेल और ग्लोबल संकेत

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल में तेजी बाजार के लिए फिस्कल और महंगाई जोखिम बढ़ा सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर 4 मार्च के ओपन पर दिख सकता है। वहीं किसी भी तरह की डी-एस्केलेशन की खबर शॉर्ट कवरिंग रैली को ट्रिगर कर सकती है।

4 मार्च का संभावित परिदृश्य

डेटा फिलहाल सतर्क रुख का संकेत दे रहा है। 24,600 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है और 24,400–24,300 तक दबाव बन सकता है। लेकिन यदि निफ्टी 25,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है और VIX ठंडा पड़ता है, तो तेज रिकवरी से इनकार नहीं किया जा सकता। टेक्निकल स्ट्रक्चर फिलहाल दबाव में है, पर घरेलू लिक्विडिटी और मैक्रो संकेत बाजार को सहारा दे रहे हैं। 4 मार्च का रुख काफी हद तक ग्लोबल हेडलाइन और ओपनिंग ट्रेंड पर निर्भर करेगा। निवेशकों के लिए अनुशासन और रिस्क मैनेजमेंट इस समय सबसे अहम रणनीति है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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