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शेयर बाजार में तूफानी रैली! सेंसेक्स 1000 अंक उछला, निवेशकों को 5 लाख करोड़ का फायदा, तेजी के ये 4 बड़े कारण

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आज भारतीय बाजारों ने जबरदस्त पलटवार किया। शुरुआती मिनटों से ही सेंसेक्स–निफ्टी में खरीदारी की लहर दिखी और इंडेक्स तेज़ी से ऊपर चढ़ गए। आईटी से लेकर बैंकिंग तक हर सेक्टर में हरी झंडी दिखाई दी। आखिर किन वजहों से बाजार अचानक सरपट दौड़ पड़ा? आइए जानते हैं…

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लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद बुधवार, 26 नवंबर को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी लौटी। ट्रेडिंग की शुरुआत से ही सेंसेक्स और निफ्टी करीब 0.7% तक चढ़ गए और सभी सेक्टर्स में खरीदारी का जोर दिखा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप भी 1% से ज्यादा बढ़े, जबकि सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में थे।

दोपहर करीब 1 बजे के करीब सेंसेक्स लगभग 1000 अंक उछलकर 85,612.50 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 236.60 अंक यानी करीब 0.9% बढ़कर 26,121.40 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार की तेजी के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सेशन के ₹469 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹474 लाख करोड़ हो गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़ गई। यह उछाल मार्केट की मजबूत तेजी और बड़े शेयरों में खरीदारी का नतीजा रहा।

बाजार में क्यों आई तूफानी तेजी

आज बाजार में आई इस मजबूती के पीछे चार बड़े कारण सामने आए। सबसे पहला कारण अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें हैं। अमेरिकी रिटेल सेल्स कमजोर रही और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस भी गिरा, जिससे अनुमान बढ़ गया कि फेड दिसंबर में रेट कट कर सकता है। इससे अमेरिकी और एशियाई बाजारों में तेजी आई, जिसका सीधा फायदा भारत को मिला। रेट कट की उम्मीदों से आईटी और मेटल शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। बैंकिंग, फाइनेंशियल्स, ऑटो, रियल्टी और PSU बैंक इंडेक्स में भी 0.5% से 1% तक की तेजी रही।

दूसरा कारण विदेशी निवेशकों की वापसी रही। FIIs ने मंगलवार को 785 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि DIIs ने भी 3,912 करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे बाजार की धारणा मजबूत हुई।

तीसरा बड़ा कारण हैवीवेट शेयरों में तेजी रही। HDFC Bank, ICICI Bank और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयर लगभग 1% चढ़े, जिससे बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला। साथ ही इंडिया VIX करीब 3.3% गिरकर 11.84 पर आ गया, जो बताता है कि बाजार की अस्थिरता कम हो रही है।

चौथा कारण क्रूड ऑयल के दाम में भारी गिरावट रहा। ब्रेंट क्रूड 63 डॉलर से नीचे फिसलकर 62.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो पिछले एक महीने का सबसे निचला स्तर है। WTI क्रूड भी गिरकर 57.95 डॉलर पर पहुंच गया। रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील के संकेतों से वैश्विक सप्लाई बढ़ने की उम्मीद बनी है, जिससे तेल सस्ता हुआ और भारतीय बाजार को राहत मिली।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे माहौल में निवेशक धीरे-धीरे मजबूत और क्वालिटी वाले स्टॉक्स को इकट्ठा कर सकते हैं। टेक्निकल एनालिस्ट मानते हैं कि निफ्टी के लिए 26,100–26,130 का लेवल महत्वपूर्ण है। इसके ऊपर टिकने पर बाजार और मजबूती दिखा सकता है।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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