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इथेनॉल पर कितना खर्च कर रहीं सरकारी तेल कंपनियां, सरकार ने संसद में दिया हिसाब-किताब

इथेनॉल पर सरकारी तेल कंपनियों करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं। सरकार ने संसद में इसका पूरा हिसाब-किताब दिया है। पिछले तीन साल में इथेनॉल पर सरकारी तेल कंपनियों ने कितना पैसा खर्च किया है।

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इथेनॉल के खर्च पर सरकार ने दिया हिसाब

OMC Ethanol Blending : क्रूड ऑयल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए देश में पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग की जा रही है। इथेनॉल से कारों पर असर और इसके आर्थिक नफा-नुकसान के बीच सरकार ने संसद में बताया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) ने पिछले तीन साल में ₹1.72 लाख करोड़ से ज्यादा का इथेनॉल खरीदा है। यह खरीद पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने और क्रूड ऑयल आयात पर निर्भरता घटाने की रणनीति का हिस्सा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद (Parliament) में लिखित जवाब में बताया कि इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) घरेलू स्रोतों से ईंधन ग्रेड इथेनॉल खरीद रही हैं। इसका इस्तेमाल इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में मिलाने के लिए किया जाता है।

तीन साल में कितना हुआ खर्च?

सरकार की तरफ से संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक तेल कंपनियों ने इथेनॉल खरीद पर 2023-24 में करीब ₹48,757 करोड़ खर्च किए। इसके बाद 2024-25 में सबसे ज्यादा में ₹73,996 करोड़ खर्च किए। वहीं, 2025-26 में (30 जून 2026 तक) ₹49,577 करोड़ खर्च किए हैं। यानी तीनों वर्षों को मिलाकर अब तक ₹1,72,330 करोड़ से अधिक का इथेनॉल खरीदा जा चुका है। यह दिखाता है कि सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है।

किन स्रोतों से खरीदा जाता है इथेनॉल?

सरकार ने बताया कि OMCs घरेलू स्तर पर तैयार ईंधन ग्रेड इथेनॉल खरीदती हैं। गन्ने से बनने वाला सी-हेवी शीरा, बी-हेवी शीरा, गन्ने का रस, शुगर सिरप, खराब खाद्यान्न और भारतीय खाद्य निगम (FCI) का अतिरिक्त चावल व मक्का इथेनॉल के सबसे बड़े स्रोत हैं। सरकार के मुताबिक इससे चीनी उद्योग के साथ-साथ अनाज आधारित डिस्टिलरी को भी बड़ा बाजार मिलता है।

कितने इथेनॉल प्लांट हुए रजिस्टर

16 जुलाई, 2026 तक देश में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 501 इथेनॉल निर्माण इकाइयों को रजिस्टर किया है। ये इकाइयां डिनैचर्ड एनहाइड्रस इथेनॉल की आपूर्ति करती हैं, जिसका इस्तेमाल सीधे इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम में किया जाता है। सरकार का कहना है कि बढ़ती हुई सप्लायर संख्या और मजबूत घरेलू नेटवर्क की वजह से देशभर में EBP प्रोग्राम को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिल रही है।

खुद कितना इथेनॉल बना रही हैं तेल कंपनियां?

तेल कंपनियां केवल इथेनॉल की खरीद ही नहीं कर रही हैं। बल्कि खुद भी इथेनॉल का उत्पादन कर रही हैं। इंडियन ऑयल (IOCL) के पास फिलहाल 228 किलोलीटर प्रतिदिन की स्थापित क्षमता है और कंपनी ने 2025-26 (30 जून तक) 712 किलोलीटर इथेनॉल का उत्पादन किया है। इसी तरह भारत पेट्रोलियम (BPCL)

के पास स्थापित क्षमता 200 किलोलीटर प्रतिदिन की है, जबकि उत्पादन 76 किलोलीटर का किया गया है। वहीं, HPCL बायोफ्यूल्स के पास स्थापित क्षमता 120 किलोलीटर प्रतिदिन की है, जिसने 9,373 किलोलीटर का उत्पादन किया है।

किस राज्य में सबसे ज्यादा बिक्री?

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक ESY 2024-25 में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा।

राज्यबिक्री (करोड़ लीटर)
उत्तर प्रदेश124.98
महाराष्ट्र110.66
तमिलनाडु92.18
कर्नाटक79.24
गुजरात56.29
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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