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Insider Trading Rule:एक नवंबर से लागू होंगे, इनसाइडर ट्रेडिंग के नए नियम, बढ़ा रिश्तेदारों का दायरा

Insider Trading Rule: संशोधित नियमों के तहत उन कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की सूची बनाये रखने की जरूरत है जिनके पास अप्रकाशित जानकारी तक पहुंच है। इसके अलावा 'कनेक्टेड पर्सन' का दायरा बढ़ा दिया गया है।

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इनसाइ़डर ट्रेडिंग नियम

Insider Trading Rule: पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने के मकसद से इनसाइडर ट्रेडिंग कारोबार नियम एक नवंबर से लागू करेगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। संशोधित नियमों के तहत उन कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की सूची बनाये रखने की जरूरत है जिनके पास अप्रकाशित जानकारी तक पहुंच है। साथ ही गोपनीयता समझौतों पर हस्ताक्षर करने या नोटिस देने की भी आवश्यकता है। यह सुरक्षा को और चाक-चौबंद बनाता है। इसके अलावा 'कनेक्टेड पर्सन' का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब कनेक्टेड पर्सन वो होगा, जिसके पास गोपनीय और संवेदनशील जानकारी हो। इसके तहत कंसल्टेंसी फर्म और निवास स्थान भी इसके दायरे में लाए गए हैं।

क्या होगा असर

आनंद राठी वेल्थ लि. के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज ने कहा है कि सेबी ने मूल्य से संबद्ध अप्रकाशित संवेदनशील जानकारी तक पहुंच रखने वाले कर्मचारियों को नामित व्यक्तियों के रूप में चिन्हित किये जाने को अनिवार्य किया है। इउन्होंने कहा कि संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता बनाये रखने और इसका लाभ उठाने को लेकर पर्याप्त प्रतिबंध लगाने पर जोर भेदिया कारोबार को रोकने के लिए सेबी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अब इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के तहत रिश्तेदारों का भी दायरा बढ़ेगा। जैसे पति-पत्नी, भाई-बहन, पति और पत्नी के भाई-बहन, खानदान के लोग भी इसमें शामिल होंगे।

एक नवंबर से लागू

सेबी की 26 जुलाई की एक अधिसूचना के अनुसार कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (भेदिया कारोबार निषेध) (संशोधित) नियमन, 2022 एक नवंबर, 2024 से अमल में आएगा। निदेशक मंडल ने इसकी मंजूरी दी है।अजीज ने कहा कि संशोधित नियमों के तहत उन कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की सूची बनाये रखने की जरूरत है जिनके पास अप्रकाशित जानकारी तक पहुंच है। साथ ही गोपनीयता समझौतों पर हस्ताक्षर करने या नोटिस देने की भी आवश्यकता है। यह सुरक्षा को और चाक-चौबंद बनाता है।

बाजार नियामक के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों के बाद, ‘निकटतम रिश्तेदार’ शब्द की प्रासंगिकता खुलासे और आचार संहिता तक सीमित हो जाएगी, और पीआईटी विनियमों के तहत खुलासे के लिए कोई अतिरिक्त आवश्यकताएं लागू नहीं की जा रही हैं।

सेबी ने प्रस्तावों पर 18 अगस्त तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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