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SEBI New Proposal: सेबी का नया प्रस्ताव, अब पेशवर प्रबंधित डेरिवेटिव बाजार से लाभ कमाने का देगा मौका

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 17, 2024, 05:11 PM IST

SEBI New Proposal: बाजार नियामक 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच निवेश योग्य कोष वाले निवेशकों के लिए निवेश के नये विकल्प तैयार करने पर विचार कर रहा है। यह कदम 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच निवेश योग्य कोष वाले निवेशकों को आकर्षित करेगा।

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(Image Source: iStock)

SEBI New Proposal: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के हाई रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए निवेश का नया प्रोडक्ट पेश करने का प्रस्ताव उन्हें पेशेवरों के जरिये प्रबंधित वायदा एवं विकल्प बाजार से लाभ लेने का मौका देगा। साथ ही उन्हें ‘लांग और शॉर्ट इक्विटी’ कोष, ‘रिवर्स ईटीएफ’ आदि जैसी रणनीतियों के नये विकल्प तक पहुंच प्राप्त करने का मौका दे सकता है। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। बाजार नियामक 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच निवेश योग्य कोष वाले निवेशकों के लिए निवेश के नये विकल्प तैयार करने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद म्यूचुअल फंड और पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के बीच अंतर को पाटना है।

अलग-अलग निवेश के खुल रहे मौके

एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राधिका गुप्ता ने कहा कि भारत आखिरकार विभिन्न निवेश उत्पादों के लिए खुल रहा है। यह ‘इनवर्स ईटीएफ’ जैसी रणनीति अपनाकर लाभ कमाने का मौका दे सकता है। यानी निवेश का अब कोई एक रास्ता नहीं है। ‘इनवर्स ईटीएफ’ एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है जो उससे संबंधित ‘बेंचमार्क’ के मूल्य में गिरावट से लाभ के लिए विभिन्न डेरिवेटिव का उपयोग करके बनाया जाता है।

नियामक ने अपने परामर्श पत्र में कहा कि नया परिसंपत्ति वर्ग निवेशकों की उभरती श्रेणी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एसआईपी (व्यवस्थित निवेश योजना), उच्च जोखिम लेने की क्षमता जैसी सुविधाओं के साथ एक विनियमित उत्पाद प्रदान करेगा। सेबी ने नये परिसंपत्ति वर्ग के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपये के निवेश का सुझाव दिया है। इसमें केवल जोखिम से बचाव और पुनर्संतुलन से परे उद्देश्यों के लिए वायदा एवं विकल्प में निवेश करने की अनुमति दी जा सकती है।

निवेशकों को आकर्षित करेगा

यह कदम 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच निवेश योग्य कोष वाले निवेशकों को आकर्षित करेगा, जो अनधिकृत और गैर-पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा प्रदाताओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आनंद राठी वेल्थ लि. के उप-मुख्य कार्यपालक अधिकारी फिरोज अजीज ने कहा कि सेबी का निर्णय सराहनीय है। यह एक नया उत्पाद वर्ग पेश करता है जहां निवेशक पेशेवरों द्वारा प्रबंधित वायदा एवं विकल्प बाजारों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

लांग और शॉर्ट इक्विटी

उन्होंने कहा कि संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) का उपयोग करके म्यूचुअल फंड के समान कड़े नियम पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के निदेशक (प्रबंधक अनुसंधान) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा कि म्यूचुअल फंड की तुलना में न्यूनतम उच्च निवेश और निवेश करने की अधिक स्वतंत्रता के साथ नई उत्पाद श्रेणी को पेश करने के लिए सेबी का परामर्श पत्र निवेशकों को ‘लांग और शॉर्ट इक्विटी’ कोष, रिवर्स ईटीएफ इत्यादि जैसी रणनीतियों के नये विकल्प तक पहुंच प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

‘लांग-शॉर्ट इक्विटी’ एक निवेश रणनीति है। इसमें शेयर और शेयर संबंधित उत्पादों में ‘लांग’ और ‘शॉर्ट पोजिशन’ ली जाती है। उदाहरण के लिए कोष वाहन क्षेत्र में तेजी और आईटी क्षेत्र पर मंदी का रुख रख सकता है। ऐसे में वाहन क्षेत्र के शेयरों में लंबे समय के लिए निवेश को तरजीह देगा जबकि आईटी क्षेत्र में बिकवाली कर लाभ कमाने पर तरजीह देगा। डेजर्व के सह-संस्थापक संदीप जेठवानी ने कहा कि उच्च जोखिम वाले निवेशक अब पीएमएस और एआईएफ की उच्च न्यूनतम सीमा या नियमन के दायरे से बाहर के विकल्पों का सहारा लिए बिना एक व्यवस्थित विकल्प तक पहुंच सकते हैं और लाभ कमा सकते हैं। यह भारत द्वारा बनाई गई संपत्ति की सुरक्षा के लिए वास्तव में अच्छा है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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