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Bonus Share Rule: बोनस शेयर के लिए आ गया नया नियम, एक अक्टूबर से मिलेगा ये फायदा

Bonus Share Rule: नई व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू होगी। इसके तहत बोनस शेयरों में कारोबार अब रिकॉर्ड तिथि के बाद दो कार्यदिवस (टी+2) में ही हो सकेगा। बोनस शेयर आवंटन और कारोबार के बीच समय अंतराल कम होगा जिससे जारीकर्ताओं और निवेशकों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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बोनस शेयर

Bonus Share Rule:बोनस शेयर खाते में आने और उसके कारोबार की प्रक्रिया में अब तेजी आएगी। सेबी के नए निर्देश के अनुसार निवेशक रिकॉर्ड तिथि के बाद दो दिन में ही बोनस शेयर में कारोबार कर सकंगे। इस संबंध में बाजार नियामक सेबी ने बोनस शेयर खाते में आने और उसके कारोबार की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नया दिशानिर्देश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू होगी। इस कदम से बाजार की दक्षता बढ़ेगी और देरी कम होगी।

क्या होगा फायदा

इस कदम से बोनस शेयर आवंटन और कारोबार के बीच समय अंतराल कम होगा जिससे जारीकर्ताओं और निवेशकों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा, यह एक अक्टूबर, 2024 या उसके बाद घोषित सभी बोनस शेयरों पर लागू होगा।इसके तहत निवेशक रिकॉर्ड तिथि के बाद दो दिन में ही बोनस शेयर में कारोबार कर सकते है। यह व्यवस्था एक अक्टूबर से लागू होगी। दिशानिर्देशों के तहत, बोनस शेयरों में कारोबार अब रिकॉर्ड तिथि के बाद दो कार्यदिवस (टी+2) में ही हो सकेगा।

अभी क्या है व्यवस्था

मौजूदा आईसीडीआर (पूंजी और खुलासा आवश्यकताएं जारी करना) नियम बोनस शेयर के क्रियान्वयन के संबंध में समयसीमा निर्धारित करते हैं। हालांकि, निर्गम की रिकॉर्ड तिथि से बोनस शेयर को खातों डालने और ऐसे शेयरों का कारोबार के लिए कोई विशेष समयसीमा नहीं है।

वर्तमान में, बोनस शेयर के बाद, मौजूदा शेयर में कारोबार उसी आईएसआईएन (भारतीय प्रतिभूति पहचान संख्या) के तहत जारी रहता है और नए बोनस शेयर खाते में डाले जाते हैं और रिकॉर्ड तिथि के बाद दो से सात कार्य दिवसों के भीतर कारोबार के लिए उपलब्ध होते हैं। लेकिन एक अक्टूबर 2024 से बोनस शेयरों में कारोबार अब रिकॉर्ड तिथि के बाद दो कार्यदिवस (टी+2) में ही हो सकेगा। इससे बाजार की दक्षता बढ़ेगी और देरी कम होगी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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