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बढ़ा-चढ़ाकर दावे करने वाले निवेश सलाहकारों की खैर नहीं, जानिए SEBI के नए विज्ञापन कोड में क्या है खास

SEBI New Advertisement Code: स्टॉक मार्केट रेगुलेटर सेबी ने निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए निवेश सलाहकारों और रिसर्च एनालिस्ट पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सेबी के नए विज्ञापन कोड के तहत निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट अब बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं कर पाएंगे। सेबी ने इसके साथ ही कई शब्दों के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।

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SEBI New Advertisement Code: बढ़ा-चढ़ाकर दावे करने वाले निवेश सलाहकारों की अब खैर नहीं

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • निवेशकों के हित के लिए सेबी ने उठाया बड़ा कदम
  • बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं कर पाएंगे निवेश सलाहकार
  • सेबी ने कई शब्दों के इस्तेमाल पर भी लगाई रोक

SEBI New Advertisement Code: शेयर मार्केट के निवेश सलाहकार अब बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही शेयर मार्केट से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों पर भी लगाम कसने की तैयारी तेज हो गई हैं। जी हां, स्टॉक मार्केट रेगुलेटर सेबी (Securities and Exchange Board of India) निवेश सलाहकारों और रिसर्च एनालिस्ट के बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले दावों और भ्रामक विज्ञापनों पर सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। सेबी के नए विज्ञापन कोड के तहत निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट को सख्त दायरे में लाया जा रहा है।

सलाहकार और एनालिस्ट के लिए क्या करें और क्या न करें की लिस्ट जारी

सेबी के नए विज्ञापन कोड के तहत निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट रिटर्न को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही वे किसी भी गारंटीड, फिक्स्ड और एशोर्य्ड रिटर्न की बात भी नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं, सेबी के नए नियमों के हिसाब से निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट अब अपनी बातचीत में कई शब्दों का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे। निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसकी भी एक लिस्ट जारी कर दी गई है। लिहाजा, अब निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट इस लिस्ट को ध्यान में रखकर ही काम कर पाएंगे।

विज्ञापन में फर्जी यूजर्स दिखाने पर लगी रोक

निवेश सलाहकार और रिसर्च एनालिस्ट को किसी भी तरह का विज्ञापन जारी करने के लिए रजिस्टर्ड सुपरवाइजरी संस्था से मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, विज्ञापन में फर्जी यूजर्स दिखाने पर भी रोक लगा दी गई है। सेबी ने इन लोगों के गिफ्ट और मेडल वाली स्कीम और गेम में शामिल होने पर भी रोक लगा दी है। बाजार अनुमान के दावे और दूसरे संस्थानों से गलत तरीके से तुलना करने पर भी रोक लगा दी गई है। सेबी ने ये सभी फैसले निवेशकों के हित को ध्यान में रखकर लिए हैं।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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