Stock Market: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने निवेशकों से अपील की है कि वे मौजूदा समय में बाजार की अस्थिरता से घबराएं नहीं, बल्कि धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई तरह की अनिश्चितताएं मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। पांडेय ने यह बात नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में निफ्टी-50 सूचकांक के 30 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इस मौके पर उन्होंने कहा कि निफ्टी-50 ने पिछले तीन दशकों में भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की कहानी को मजबूती से दिखाया है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच धैर्य जरूरी
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय बाजार काफी अस्थिरता से गुजर रहे हैं। खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि ऐसे समय में घबराकर फैसले लेने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। उनके अनुसार शेयर बाजार में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आना सामान्य बात है, लेकिन लंबी अवधि में बाजार आमतौर पर मजबूत प्रदर्शन करता है। उन्होंने बताया कि पिछले 30 वर्षों में निफ्टी-50 ने कई आर्थिक और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाया है।
पश्चिम एशिया के संघर्ष का असर
सेबी चेयरमैन ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने वैश्विक व्यापार पर भी असर डाला है। इस संघर्ष की वजह से समुद्री व्यापारिक मार्गों में बाधा आ रही है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऊर्जा आपूर्ति में इस तरह की बाधाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। इसका असर भारत समेत कई देशों के वित्तीय बाजारों में दिखाई दे रहा है और बाजारों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पांडेय ने कहा कि भारत भी दुनिया के बाकी देशों की तरह इन परिस्थितियों से प्रभावित हुआ है।
मजबूत आर्थिक बुनियाद से मिलेगी स्थिरता
हालांकि, पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और यही वजह है कि देश पहले भी कई वैश्विक झटकों का सामना सफलतापूर्वक कर चुका है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, बेहतर आर्थिक नीतियां और निवेश का लगातार बढ़ता माहौल भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहा है। उनके मुताबिक, यही मजबूत आधार भविष्य में भी बाजारों को स्थिरता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लंबी अवधि के निवेश पर जोर
सेबी चेयरमैन ने निवेशकों को सलाह दी कि वे शेयर बाजार में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से प्रभावित होने के बजाय निवेशकों को भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा रखना चाहिए। पांडेय ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भी भारतीय बाजार देश की आर्थिक प्रगति को मजबूती से प्रतिबिंबित करते रहेंगे।
