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SEBI : सेबी ने 39 शेयर और 7 कमोडिटी ब्रोकर का रजिस्ट्रेशन किया रद्द, देखें किन पर हुआ एक्शन

SEBI : पंजीकरण रद्द होने के बावजूद, ये इकाइयां शेयर ब्रोकर या जिंस ब्रोकर या ‘डिपॉजिटरी’ प्रतिभागियों के रूप में की गई किसी भी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी हैं। वे सेबी को देय किसी भी बकाया शुल्क, बकाया तथा ब्याज का भुगतान करने के लिए भी जिम्मेदार हैं।

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सेबी का एक्शन

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SEBI :भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार को 39 शेयर ब्रोकर और सात कमोडिटी ब्रोकर का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसके अतिरिक्त, नियामक ने उन 22 ‘डिपॉजिटरी’ प्रतिभागियों का पंजीकरण भी रद्द कर दिया, जो अब किसी भी ‘डिपॉजिटरी’ से संबद्ध नहीं हैं।पंजीकरण अनिवार्यताएं पूरी करने में विफल रहने पर इन ब्रोकर का पंजीकरण रद्द किया गया है।सेबी ने तीन अलग-अलग आदेशों में कहा, कि इन इकाइयों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को रद्द करने का मुख्य कारण उन्हें ‘डिपॉजिटरी’ का सक्रिय भागीदार या मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज का सदस्य बने बिना अपने सेबी पंजीकरण का दुरुपयोग करने से रोकना है, जिससे ‘अनजान’ निवेशकों की सुरक्षा हो सके।

देनदारी से नहीं बच पाएंगी कंपनियां

पंजीकरण रद्द होने के बावजूद, ये इकाइयां शेयर ब्रोकर या कमोडिटी ब्रोकर या ‘डिपॉजिटरी’ प्रतिभागियों के रूप में की गई किसी भी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी हैं। वे सेबी को देय किसी भी बकाया शुल्क, बकाया तथा ब्याज का भुगतान करने के लिए भी जिम्मेदार हैं। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि 39 शेयर ब्रोकर और सात जिंस ब्रोकर को कुछ शर्तों के तहत पंजीकरण प्रदान किया गया था। इसमें यह शर्त भी शामिल थी कि वे किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य बने रहेंगे।

इन कंपनियों का रद्द हुआ रजिस्ट्रेशन

जिन 39 शेयर ब्रोकर का पंजीकरण रद्द किया गया है उनमें बेजल स्टॉक ब्रोकर्स, रिफ्लेक्शन इन्वेस्टमेंट्स, सम्पूर्ण पोर्टफोलियो, विनीत सिक्योरिटीज, क्वॉन्टम ग्लोबल सिक्योरिटीज, वेलिंडिया सिक्योरिटीज, व्राइज सिक्योरिटीज, क्रेडेंशियल स्टॉक ब्रोकर्स, आन्या कमोडिटीज, एम्बर सॉल्यूशंस, आर्केडिया शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स और सी.एम. गोयनका स्टॉक ब्रोकर्स, डेस्टिनी सिक्योरिटीज शामिल हैं।

वेल्थ मंत्रा कमोडिटीज, सम्पूर्ण कॉमट्रेड, चैतन्य कमोडिटीज, बीवीके पल्सेस ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी, इन्फोनिक इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज, फाइनेंशियल लीडर्स कमोडिटीज और वेलिंडिया कमोडिटीज वे सात जिंस ब्रोकर हैं जिनके पंजीकरण रद्द किए गए।इंटिग्रेटेड स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज, मूंगिपा इन्वेस्टमेंट्स, एएसएल कैपिटल होल्डिंग्स, अटलांटा शेयर शॉपी, वेल्थ मंत्रा, पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक, मैक्स प्लानवेल्थ सिक्योरिटीज, ब्राइट शेयर्स एंड स्टॉक उन 22 संस्थाओं में शामिल हैं जिनका ‘डिपॉजिटरी’ प्रतिभागियों के रूप में पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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