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SEBI: सेबी ने हाई रिस्क वाले निवेशकों के लिए बनाई नई कैटेगरी, राइट इश्यू को लेकर भी अहम बदलाव

SEBI: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल की बैठक के बाद जारी एक बयान में नियामक ने कहा कि ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) जैसे सूचकांकों पर नजर रखने से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं (पैसेविली म्यूचअल फंड) के लिए नियामक ढांचे को ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

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SEBI:बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने हाई रिस्क वाले निवेशकों के लिए एक नई एसेट कैटेगरी शुरू करने के प्रस्ताव पर सोमवार को मुहर लगा दी।नयी एसेट कैटेगरी में प्रति निवेशक न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। नया निवेश विकल्प आने से परिसंपत्ति निर्माण में लचीलापन लाया जा सकेगा और म्यूचुअल फंड एवं पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) के बीच की खाई को पाटने में मदद मिलेगी।

इनसाइडर ट्रेडिंग नियम में भी संशोधन

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल की बैठक के बाद जारी एक बयान में नियामक ने कहा कि ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) जैसे सूचकांकों पर नजर रखने से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं (पैसेविली म्यूचअल फंड) के लिए नियामक ढांचे को ढील देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इससे अनुपालन जरूरतों को कम करने में मदद मिलेगी।सेबी के निदेशक मंडल की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें इनसाइटर ट्रेडिंग नियमों में संशोधन और निवेश सलाहकारों एवं शोध विश्लेषकों के लिए पात्रता मानदंड और अनुपालन शर्तों में रियायत देना शामिल है।

राइट इश्यू पर भी अहम फैसला

अमेरिकी शोध एवं निवेश फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद निदेशक मंडल की यह पहली बैठक थी। इसके अलावा सेबी ने प्रस्ताव दस्तावेज में खुलासा संबंधी प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया है और इसे धन जुटाने का पसंदीदा मार्ग बनाने के लिए राइट इश्यू प्रोसेसिंह समय को कम कर दिया है। बाजार नियामक ने प्रवर्तकों को राइट इश्यू के दौरान चुनिंदा निवेशकों को अपने राइट इश्यू से जुड़े अधिकार हस्तांतरित करने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी। इससे बाजार में अधिक निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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