नौकरी में रहते पैसे की टेंशन नहीं होती है, क्योंकि हर महीने सैलरी आती है। वहीं, रिटायर होने के बाद मंथली इनकम रुक जाती है। इसलिए रिटायर हुए लोगों पर वित्तीय बोझ तेजी से बढ़ता है। इस समस्या का हल करने में सरकार की सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक बेस्ट विकल्प है। वरिष्ठ नागरिक इस स्कीम में निवेश कर मंथली कमाई या पेंशन पा सकते हैं। 60 साल से ज्यादा उम्र के निवेशकों के लिए SCSS स्कीम बिना किसी जोखिम के रेगुलर इनकम देने वाला है। मौजूदा समय में इस स्कीम पर सालाना 8.2% की इर से ब्याज मिल रही है। सरकार आम तौर पर हर तिमाही में इस दर की समीक्षा करती है। इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि पांच साल है और मैच्योरिटी के बाद इसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है।
रिटायर हुए लोगों के लिए बेस्ट
SCSS स्कीम की एक मुख्य विशेषता निवेशकों को हर तिमाही मिलने वाला ब्याज है। यह उन रिटायर लोगों के लिए उपयुक्त है जो रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए निवेश से होने वाली आय पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा, उम्र बढ़ने के साथ, खासकर रिटायरमेंट के बाद, आम तौर पर आय के स्रोत सीमित हो जाते हैं और कुल आय बढ़ाने के लिए अपने फाइनेंस में बदलाव या समायोजन करने की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है।
यह एक ऐसी स्कीम है जो बिना किसी परेशानी या झंझट के निवेश करने पर तिमाही आय देती है। जो निवेशक और रिटायर हो चुके लोग इस स्कीम में शामिल होना चाहते हैं, वे ₹30 लाख तक का निवेश या जमा कर सकते हैं।
हर महीने ₹20,500 की आय
उदाहरण के लिए, अगर कोई रिटायर व्यक्ति ₹30 लाख (जो अधिकतम सीमा है) का निवेश 8.2% की ब्याज दर पर करता है, तो उसे सालाना ₹2.46 लाख का ब्याज मिलेगा। इसका मतलब है कि हर तिमाही में ₹61,500 या लगभग ₹20,500 प्रति माह की आय होगी। इस तरह, आपको ऐसी स्कीम से पैसे मिलेंगे जो आपके रोजमर्रा के खर्चों और घर व यूटिलिटी बिलों को चुकाने में मदद करेंगे, साथ ही आपकी मूल निवेश राशि भी सुरक्षित रहेगी।
इसी तरह, ₹15 लाख के निवेश पर सालाना ₹1.23 लाख का ब्याज मिलेगा, जिससे हर तिमाही ₹30,750 का भुगतान होगा। अब, इस स्कीम से निवेशक को जो कुल रकम (कॉर्पस) मिलेगी, वह मुख्य रूप से शुरुआती निवेश की रकम पर निर्भर करेगी।
सीनियर सिटिजन कपल इस स्कीम में ₹30-30 लाख का निवेश कर सकते हैं, जिससे कुल निवेश ₹60 लाख हो जाएगा और उन्हें सालाना 8.2% का रिटर्न मिलेगा। यह रकम सालाना लगभग ₹4,92,000 होगी। इसका मतलब है कि हर महीने लगभग ₹41,000 मिलेंगे, भले ही पेमेंट हर तिमाही (तीन महीने में) किया जाए।
इनकम टैक्स के तहत टैक्स छूट भी
इस स्कीम में निवेश करने के एक और फायदे यह है कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है, जो पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत तय कुल सीमा के अधीन है। हालांकि, मिलने वाले ब्याज पर निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।
