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SBI Q2 Results: मुनाफे में 14% का उछाल, ब्याज से कमाई भी बढ़ी, जानिए कितना रहा नेट प्रॉफिट?

SBI ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 14 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है।

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SBI का दमदार प्रदर्शन

SBI Q2 Results : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। सितंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14.3% बढ़कर ₹23,038 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में SBI ने ₹20,160 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। यानी एक साल में बैंक के मुनाफे में ₹2,878 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सितंबर तिमाही में 14.7% बढ़कर ₹49,142 करोड़ हो गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹42,847 करोड़ थी। इस तरह बैंक की NII में सालाना आधार पर ₹6,295 करोड़ का इजाफा हुआ है।

ब्याज से कितनी हुई बैंक की कमाई?

नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर है। आसान भाषा में समझें तो बैंक कर्ज पर जितना ब्याज कमाता है, उसमें से ग्राहकों की जमा राशि पर चुकाए गए ब्याज को घटाने के बाद जो रकम बचती है, उसे NII कहते हैं। SBI की NII में 14.7% की बढ़ोतरी बताती है कि सितंबर तिमाही में बैंक की इस प्रमुख कमाई में अच्छी वृद्धि हुई है। बैंक के कुल मुनाफे में भी इसका योगदान रहा।

एसेट क्वालिटी कैसी रही?

SBI के तिमाही नतीजों में एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी अहम आंकड़े सामने आए हैं। सितंबर तिमाही में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) अनुपात 1.39% रहा। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) अनुपात 0.36% दर्ज किया गया। GNPA से पता चलता है कि बैंक के कुल कर्ज का कितना हिस्सा फंसे हुए कर्ज यानी NPA में बदल चुका है। कम NPA अनुपात आमतौर पर बैंक की बेहतर एसेट क्वालिटी का संकेत माना जाता है। SBI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि सितंबर तिमाही में बैंक का GNPA अनुपात 1.39% और NNPA अनुपात 0.36% रहा।

निवेशकों की नजर अब शेयर पर

SBI के मुनाफे और NII में दोहरे अंकों की वृद्धि बैंक के तिमाही प्रदर्शन की मजबूत तस्वीर पेश करती है। अब निवेशकों की नजर बाजार में SBI के शेयर की प्रतिक्रिया और बैंक के आगे के प्रदर्शन पर रहेगी। हालांकि, केवल तिमाही मुनाफे के आधार पर शेयर में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। इसके लिए बैंक की अन्य वित्तीय स्थितियों, वैल्यूएशन और भविष्य की संभावनाओं का आकलन भी जरूरी है।

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    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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