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SBI, HDFC से लेकर ICICI तक; जानें किस बैंक के Savings Account पर कितना मिल रहा ब्याज?

बैंकिंग की दुनिया में सेविंग अकाउंट का काफी अहम रोल है। इसके बिना आम बैंकिंग की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए सेविेंग अकाउंट में ब्याज से लेकर तमाम मिलने वाले फीचर्स की जानकारी जरूर लें।

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सेविंग अकाउंट

Savings Account की अपनी अहमियत है। तमाम सेविंग विकल्पों के बावजूद लोग सेविंग अकाउंट में पैसा जरूर रखते हैं। इसकी वजह यह है कि इससे पैसा निकालना सबसे आसान है। इसलिए सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ स्मॉल फाइनेंस बैंक भी सेविंग आकउंट खोलने की सुविधा देते है। सेविंग अकाउंट का पैसा रोजाना के लेन-देन, सैलरी क्रेडिट और इमरजेंसी फंड के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर लोग अपना अतिरिक्त पैसा सेविंग अकाउंट्स में रखते हैं, जहां फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स की तुलना में कम ब्याज दरें मिलती हैं। लेकिन सेविंग्स अकाउंट्स का मुख्य मकसद यूजर्स को लिक्विडिटी देना ही होता है।

सभी बैंक में ब्याज अलग-अलग

अलग-अलग बैंक सेविंग्स अकाउंट्स पर अलग-अलग ब्याज दरें देते हैं। कस्टमर्स इन बैंकों की ब्याज दरों की तुलना कर सकते हैं ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके और उनका पैसा पूरी तरह बेकार न पड़ा रहे।

बड़े बैंकों की ब्याज दरें

भारत के ज़्यादातर बड़े बैंक अभी सेविंग्स अकाउंट पर लगभग एक जैसी ब्याज दरें दे रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सभी अकाउंट बैलेंस पर सालाना लगभग 2.50% ब्याज देता है। HDFC बैंक भी उन सेविंग्स अकाउंट पर सालाना 2.50% ब्याज देता है जिनका कम से कम औसत तिमाही बैलेंस 2,500 रुपये से शुरू होता है। ICICI बैंक सालाना लगभग 2.5% ब्याज देता है। ब्याज की गणना रोजाना की जाती है और इसे मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में तिमाही आधार पर क्रेडिट किया जाता है। एक्सिस बैंक 2,000 करोड़ रुपये से कम के बैलेंस पर इसी तरह सालाना 2.5% की दर देता है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक जैसे पब्लिक सेक्टर के बैंक भी इसी तरह की दरें देते हैं।

स्मॉल फाइनेंस बैंक में ज्यादा ब्याज

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक रोज़ाना के क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर अलग-अलग लेवल की सेविंग्स ब्याज दरें देता है। 1 लाख रुपये तक की जमा राशि पर सालाना 2.50% ब्याज मिलता है, जबकि 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा और 25 करोड़ रुपये तक के बैलेंस पर 7.60% की दर मिलती है। अलग-अलग रकम के लिए दरें अलग-अलग होती हैं।

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक भी बैलेंस स्लैब के आधार पर अलग-अलग लेवल की सेविंग्स अकाउंट ब्याज दरें देता है। 1 लाख रुपये से कम की जमा राशि पर सालाना 2.50% ब्याज मिलता है, जबकि 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये से कम के बैलेंस पर 3.50% ब्याज मिलता है। 25 करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये से कम के ज़्यादा बैलेंस पर सालाना 6.75% ब्याज मिलता है।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 लाख रुपये तक के बैलेंस पर सालाना 2.5% ब्याज देता है। वहीं, 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की जमा राशि पर सालाना 3.00% ब्याज मिलता है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, ज्यादा जमा राशि पर बेहतर ब्याज दरें मिलती हैं। बैंक की सबसे ज़्यादा दरें 25 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैलेंस पर सालाना 7.15% हैं।

सेविंग्स अकाउंट का एक पहलू यह है कि कई बैंक ग्राहकों से कम से कम बैलेंस बनाए रखने की उम्मीद करते हैं। ऐसा न करने पर पेनल्टी लग सकती है। इसलिए, ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी है, लेकिन ग्राहकों को आर्थिक परेशानी से बचने के लिए कम से कम बैलेंस और दूसरी जरूरतों पर भी ध्यान देना चाहिए।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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