Salary Class vs Business Class: सैलरी क्लास या बिजनेस क्लास कौन जल्दी संपत्ति तैयार कर सकता है? ये सवाल आपके जेहन में भी आता होगा। जहां दोनों क्लास के पास कमाई के अलग-अलग तरीके, जोखिम और अवसर होते हैं। वहीं, वेल्थ क्रिएशन का फॉर्मूला भी दोनों ही क्लास में अलग तरीके से काम करता है। हालांकि, अधिकतर लोगों को लगता है कि बिजनेस करने वाला व्यक्ति ही अमीर बन सकता है या नौकरी करने वाला व्यक्ति संपत्ति नहीं बना सकता। जबकि ऐसा नहीं है, सही वित्तीय योजना, अनुशासन और निवेश की आदत इस धारणा को खत्म कर सकती है। आइए उदाहरण के साथ समझते हैं कैसे-
सैलरी क्लास किसे कहा जाता है
सैलरी क्लास उन लोगों को कहा जाता है, जिनकी नियमित मासिक आय नौकरी से आती है। उन्हें हर महीने तय वेतन मिलता है, जिससे आय में स्थिरता बनी रहती है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 1 लाख रुपये महीने की नौकरी करता है तो उसे हर महीने निश्चित आय मिलती रहेगी। इस वर्ग के लोगों के लिए खर्च और बचत की योजना बनाना आसान होता है।
बिजनेस क्लास किसे कहा जाता है
वहीं, बिजनेस क्लास में आय तय नहीं होती। व्यवसाय में कभी ज्यादा कमाई हो सकती है और कभी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति की कपड़ों की दुकान है तो त्योहारों के समय उसकी कमाई कई गुना बढ़ सकती है, लेकिन मंदी के दौरान बिक्री कम भी हो सकती है। यानी व्यवसाय में जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन कमाई की सीमा भी तय नहीं होती।
तेजी से वेल्थ बनाने के अवसर किसके पास
बिजनेस क्लास के लोगों के पास तेजी से वेल्थ बनाने के ज्यादा अवसर होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि व्यवसाय को बढ़ाकर आय को कई गुना किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति छोटा रेस्टोरेंट शुरू करता है और बाद में उसकी कई ब्रांच खोल देता है, तो उसकी कमाई तेजी से बढ़ सकती है। वहीं नौकरी में आमतौर पर वेतन वृद्धि सीमित होती है और आय का स्रोत अक्सर एक ही होता है।
सैलरी क्लास कैसे बना सकता है वेल्थ
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि सैलरी क्लास वेल्थ नहीं बना सकता। अगर नौकरी करने वाला व्यक्ति नियमित निवेश करे, खर्चों को नियंत्रित रखे और लंबी अवधि की योजना बनाए, तो वह भी बड़ा फंड तैयार कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई नौकरीपेशा हर महीने 25 हजार रुपये की एसआईपी 15 साल तक जारी रखता है, तो वह चक्रवृद्धि ब्याज की मदद से 1 करोड़ का फंड तैयार कर सकता है।
बिजनेस क्लास को व्यवसाय में असफला का खतरा भी
बिजनेस क्लास के लोगों को टैक्स प्लानिंग और निवेश के ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं। वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर अतिरिक्त संपत्ति बना सकते हैं। लेकिन दूसरी तरफ व्यवसाय में असफलता का खतरा भी बना रहता है। गलत फैसले या बाजार की खराब स्थिति से नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है।
सैलरी क्लास की सबसे बड़ी ताकत वित्तीय स्थिरता
सैलरी क्लास की सबसे बड़ी ताकत वित्तीय स्थिरता मानी जाती है। नियमित वेतन के कारण घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और निवेश की योजना आसान हो जाती है। वहीं बिजनेस क्लास में नकदी प्रवाह कई बार अनिश्चित हो सकता है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जल्दी वेल्थ बनाने की संभावना बिजनेस में ज्यादा हो सकती है, लेकिन इसमें जोखिम भी अधिक होता है। दूसरी तरफ नौकरी करने वाला व्यक्ति अनुशासित निवेश, अतिरिक्त आय के स्रोत और सही वित्तीय योजना के जरिए धीरे-धीरे मजबूत संपत्ति तैयार कर सकता है।
