बिजनेस

Rural Job Report: गांव में युवाओं को नए मौके की तलाश, 70-85 काम से खुश नहीं- रिपोर्ट

Rural Job Report: फिलहाल काम कर रहे 70 से 85 प्रतिशत युवाओं ने नए अवसरों की तलाश में अपनी नौकरी बदलने की इच्छा जताई। करियर बदलने का लक्ष्य रखने वालों में दोनों आयु समूहों और महिला-पुरुष दोनों वर्गों के अधिकतर लोगों ने छोटे विनिर्माण, खुदरा या व्यापारिक उद्यम शुरू करने में रुचि दिखाई।

Image

ग्रामीण रोजगार

Rural Job Report:ग्रामीण क्षेत्रों में 70-85 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा काम से खुश नहीं हैं और वे अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं। यही नहीं 25 साल की उम्र के आधे युवाओं को ही रोजगार मिला है जबकि इस आयु वर्ग की सिर्फ एक-चौथाई महिलाएं ही कामकाजी हैं। वहीं, 26-35 वर्ष की आयु के लोगों में लगभग 85 प्रतिशत पुरुष कार्यरत हैं, और लगभग 10 प्रतिशत पहले काम करने के बाद वर्तमान में बेरोजगार हैं। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

क्या कहती है रिपोर्ट

ग्लोबल डेवलपमेंट इनक्यूबेटर (जीडीआई), ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी यूथ नेटवर्क (जीओवाईएन), डेवलपमेंट इंटेलिजेंस यूनिट (डीआईयू) और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (टीआरआई) ने ‘ग्रामीण युवा रोजगार की स्थिति 2024’ रिपोर्ट जारी की है।देश के विभिन्न इलाकों के 5,169 ग्रामीण युवाओं के बीच कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।

रिपोर्ट कहती है कि 70-85 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा काम से खुश नहीं हैं और वे अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं।सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि 18-25 वर्ष की आयु के आधे से अधिक युवा किसी-न-किसी रोजगार में लगे हुए हैं लेकिन इस आयु वर्ग की केवल एक चौथाई महिलाएं ही कार्यरत हैं।

वहीं, 26-35 वर्ष की आयु के लोगों में लगभग 85 प्रतिशत पुरुष कार्यरत हैं, और लगभग 10 प्रतिशत पहले काम करने के बाद वर्तमान में बेरोजगार हैं। इसके विपरीत, इस आयु वर्ग की 40 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं जबकि एक चौथाई कार्यबल से बाहर हो चुकी हैं, और एक तिहाई कभी भी कार्यरत नहीं रही हैं।

नई नौकरी की तलाश

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल काम कर रहे 70 से 85 प्रतिशत युवाओं ने नए अवसरों की तलाश में अपनी नौकरी बदलने की इच्छा जताई। करियर बदलने का लक्ष्य रखने वालों में दोनों आयु समूहों और महिला-पुरुष दोनों वर्गों के अधिकतर लोगों ने छोटे विनिर्माण, खुदरा या व्यापारिक उद्यम शुरू करने में रुचि दिखाई।हालांकि, युवा महिलाएं सरकारी भूमिकाओं में वेतनभोगी पदों को हासिल करने के लिए प्राथमिकता के साथ आगे रहीं। वेतनभोगी पदों की तलाश करने वाली महिलाओं ने शिक्षक बनने, अकाउंटेंट और फ्रंट डेस्क पर ग्राहकों से संपर्क वाली नौकरियों को प्राथमिकता दी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article