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Rupee vs Dollar: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया- क्यों गिर रहा है रुपया?

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लुढ़कर नए निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने लोकसभा में बताया कि रुपया क्यों गिर रहा है।

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भारतीय रुपया गिरने की वजहें क्या हैं?

Rupee vs Dollar: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि भारतीय रुपये का मूल्य बाजार द्वारा निर्धारित होता है और यही एक निश्चित विनिमय दर व्यवस्था की खासियत है। पिछले कुछ सप्ताह से रुपये में निरंतर गिरावट आ रही है और सोमवार को डॉलर के मुकाबले यह 87.29 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये की विनिमय दर को डॉलर इंडेक्स की चाल, पूंजी प्रवाह के रुझान, ब्याज दर के स्तर, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और चालू खाते के घाटे (कैड) जैसे विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारक प्रभावित करते हैं।

बाजार द्वारा निर्धारित होता है रुपये का मूल्य

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में, सीतारमण ने कहा कि भारतीय रुपये (INR) का कोई अवमूल्यन नहीं हुआ है, जो कि एक निश्चित विनिमय दर व्यवस्था की विशेषता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रुपये का मूल्य बाजार द्वारा निर्धारित है, इसका कोई लक्ष्य या विशिष्ट स्तर अथवा दायरा नहीं है।

गिरावट से इकोनॉमी पर सकारात्मक प्रभाव भी

वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रा के मूल्य में गिरावट से निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की संभावना है, जिसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर इसमें गिरावट से आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।

कोई लक्ष्य या विशिष्ट स्तर या मूल्य दायरा नहीं होता

सीतारमण ने कहा कि विनिमय दर प्रबंधन के प्रति दृष्टिकोण सुसंगत और अच्छी तरह से व्यक्त किया गया है, जिसके संदर्भ में भारतीय रुपये का मूल्य बाजार द्वारा निर्धारित होता है। इसका कोई लक्ष्य या विशिष्ट स्तर या मूल्य दायरा नहीं होता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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