Dollar Vs Rupee: अमेरिकी डॉलर के सामने भारतीय रुपया संभलने का नाम नहीं ले रहा है। हर नए दिन शुरू होने के साथ भारतीय रुपया टूटकर नया लो बना रहा है। सोमवार को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। आज 1 डॉलर की कीमत पहली बार 91 रुपये पहुंच गई। 1.30 मिनट पर डॉलर के मुकबाले रुपया 0.31% टूटकर 90.96 पर ट्रेड कर रहा है। करेंसी एक्सपर्ट के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों से विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति के बीच विदेशों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से रुपये में गिरावट बढ़ी है।
आज मजबूत खुला था भारतीय रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिका डॉलर के मुकाबले 90.68 पर खुला। फिर 90.66 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.78 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.99 पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,346.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
रुपये टूटने का क्या असर होता है?
रुपया कमजोर होने से आयात महंगा हो जाता है, जिससे पेट्रोल-डीजल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं की कीमतें बढ़ती हैं और आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता है। विदेशी यात्रा और पढ़ाई भी महंगी हो जाती है। वहीं, आईटी, फार्मा और निर्यात से जुड़ी कंपनियों को कमजोर रुपये से फायदा मिलता है क्योंकि उनकी डॉलर में कमाई बढ़ती है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है और सरकार व RBI पर दबाव भी बढ़ता है।
