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रुपये में गिरावट पर ब्रेक! आज मजबूत होकर 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर के भीतर बंद, जानें ताजा रेट?

बुधवार को रुपया पहली बार 90 के स्तर के ऊपर चला गया था और 90.15 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो इसका अब तक सर्वकालिक निचला बंद स्तर है। इस बीच, दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 98.84 पर आ गया।

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डॉलर बनाम रुपया

पिछले कई दिनों से रुपये में जारी गिरावट आज थम गई। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे की बढ़त दर्ज करने के साथ रिकॉर्ड गिरावट से उबरने में सफल रहा और 89.96 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। रुपये के मूल्य में यह तेजी मुख्य रूप से डॉलर सूचकांक में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की वजह से आई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका में गैर-कृषि रोजगार के आंकड़े अनु्मान से कम रहने से डॉलर में नरमी आई और इसने रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दिया।

आज भी कमजोर खुला था रुपया

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.36 प्रति़ डॉलर के भाव पर खुला और शुरुआती कारोबार में फिसलकर 90.43 के नए सर्वकालिक निचले स्तर तक पहुंच गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा में देरी से रुपये पर दबाव रहा। हालांकि बाद में रुपया की स्थिति संभली और अंत में यह 89.96 रुपये प्रति डॉलर के (अस्थायी) भाव पर बंद हुआ। इस तरह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले रुपये में 19 पैसे की मजबूती रही।

बुधवार को 90 के पार चला गया था

बुधवार को रुपया पहली बार 90 के स्तर के ऊपर चला गया था और 90.15 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जो इसका अब तक सर्वकालिक निचला बंद स्तर है। इस बीच, दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 98.84 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 62.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

निकट अवधि में दबाव में रह सकता है

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू शेयर बाजार के कमजोर रुझान के चलते रुपया निकट अवधि में दबाव में रह सकता है। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें भी मुद्रा पर असर डालेंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में कमजोरी और फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती की उम्मीदें रुपये को सहारा दे सकती हैं। इसके अलावा आरबीआई के अतिरिक्त हस्तक्षेप से भी रुपये को समर्थन मिलेगा। चौधरी ने अनुमान जताया कि निकट अवधि में डॉलर-रुपया का हाजिर विनिमय भाव 89.65 से 90.50 के दायरे में रह सकता है। घरेलू स्तर पर मौद्रिक नीति से जुड़े मोर्चे पर भी बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का निर्णय शुक्रवार को आएगा। इसमें रेपो दर को लेकर फैसला आएगा।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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