नई दिल्ली। सोमवार को भारतीय रुपये ने गिरने का नया रिकॉर्ड (Rupee at Record Low) बनाया। आज शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारीय मुद्रा (Rupee vs Dollar) 39 पैसे फिसलकर 82.69 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 82.68 के स्तर पर खुला था। इसके बाद इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह 82.69 के स्तर पर आ गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 39 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। मालूम हो कि पिछले सत्र में यानी शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ 82.30 पर बंद हुआ था।
किन कारणों से आई गिरावट
दरअसल क्रूड ऑयल की कीमत (Crude Oil Price) में तेजी की वजह से रुपये में गिरावट देखी जा रही है। निवेशकों की ओर से रिस्क लेने से परहेज करने के कारण रुपया फिसल गया है। इसके अलावा सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार गिरावट का सिलसिला देखा जा रहा है। साथ ही अमेरिकी मुद्रा की मजबूती की वजह से भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना है।
ऐसी है डॉलर की स्थिति
पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा था कि 30 सितंबर को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 अरब डॉलर घटकर 532.664 अरब डॉलर रह गया था। डॉलर की बात करें, तो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक (Dollar Index) 0.02 फीसदी की बढ़त के साथ 112.81 के स्तर पर पहुंच गया।
आप पर क्या होगा असर?
रुपये का गिरना भारत के कई सेक्टर्स के लिए मुसीबत भरी खबर है। मुद्रा के गिरने से आप पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे ना सिर्फ तेल की कीमत, बल्कि रोजमर्रा का सामन भी महंगा हो सकता है। भारत में जिन भी प्रोडक्ट्स का इम्पोर्ट किया जाता है, वो सब महंगा होने की उम्मीद है। अब इम्पोर्ट के लिए आयातकों को ज्यादा पैसों का भुगतान करना होगा।
