Gold selling and buying Rules: सोने में नकली-असली का फर्क करना सबके बस की बात नहीं है। कई बार ग्राहक ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसी ठगी पर रोक लगाने के लिए सोना खरीदने और बेचने के नियम 1 अप्रैल से बदल दिए गए हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के नए नियम के तहत एक अप्रैल से 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।
कितने कैरेट का है सोना ये आसानी से चलेगा पता
ये नंबर अल्फान्यूमेरिक कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। अल्फान्यूमेरिक (यानी जिसमें 0 से 9 तक की संख्या और अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर) होंगे। इस नंबर के जरिए कोई सोना कितने कैरेट का ये पता करने में मदद मिलेगी। देशभर में सोने पर ट्रेड मार्क देने के लिए 940 सेंटर बनाए गए हैं। अब चार डिजिट वाली हॉलमार्किंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।
HUID से आम लोगों को मिलेंगे ये फायदे
- इससे नकली या कम शुद्ध सोने की बिक्री पर रोक लगाना संभव होगा।
- सोने से बनी ज्वेलरी कितने कैरेट की है, ग्राहकों को इसकी गारंटी दी जाएगा।
- सोना या उससे बने ज्वेलरी को ट्रेस करना बेहद आसान हो जाएगा।
क्यों होती है हॉलमार्किंग
किसी सोने आभूषण या गहने की हॉलमार्किंग उसकी असली होने का प्रमाण देता है। ज्वेलर्स का कुछ साल पहले सोने के गहने की हॉलमार्किंग कराना अनिवार्य नहीं था और इसके बिना ही सोना बेच सकते थे। लेकिन एक जून 2021 से ही इसे जरूरी कर दिया गया है। अभी HUID नंबर चार या पांच डिजिट वाले होते है। पर एक अप्रैल 2023 से 6 डिजिट नंबर वाले HUID नंबर अनिवार्य होंगे।
क्या है HUID
इसके जरिए आभूषणों की पहचान की जाती है। इसकी मदद से आप तो आभूषण के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो जाती है। ज्वैलर्स को जूलरी के बारे में पूरी जानकारी बीआईएस के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। HUID,6 अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक कोड होता है।
