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Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर में गिरावट, 6 महीने में पहली बार 4% से नीचे, खाने-पीने की चीजें हुईं सस्ती

Retail inflation: सब्जियों की कीमतों में गिरावट के कारण भारत की खुदरा महंगाई दर में गिरावट हुई है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक फरवरी में घटकर 4 प्रतिशत से नीचे 3.61 प्रतिशत पर आई, जनवरी में यह 4.26 प्रतिशत के स्तर पर थी।

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महंगाई दर में गिरावट

Retail inflation: खुदरा महंगाई दर फरवरी में घटकर 4 प्रतिशत से नीचे 3.61 प्रतिशत पर आई, जनवरी में यह 4.26 प्रतिशत के स्तर पर थी। बुधवार (12 मार्च 2025) को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सब्जियों की कीमतों में गिरावट के कारण भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में 6 महीने में पहली बार 4% से नीचे आ गई। फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.61% तक कम हो गई, जो अर्थशास्त्रियों के 3.98% के अनुमान से कम है।

जनवरी के लिए महंगाई दर को 4.31% से संशोधित कर 4.26% कर दिया गया और लेटेस्ट रीडिंग जुलाई के बाद से सबसे कम है। फरवरी में खाद्य महंगाई दर पिछले महीने के संशोधित 5.97% से कम होकर 3.75% हो गई। सब्जियों की कीमतों में जनवरी में 11.35% की वृद्धि की तुलना में साल-दर-साल 1.07% की गिरावट आई। अनाज की कीमतों में जनवरी में 6.24% की वृद्धि के मुकाबले 6.1% की वृद्धि हुई, जबकि दालों की कीमतों में पिछले महीने 2.59% की वृद्धि की तुलना में 0.35% की गिरावट आई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने कहा कि जनवरी की तुलना में फरवरी, 2025 में खाद्य महंगाई दर में 2.22 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है। फरवरी में खाद्य महंगाई दर मई, 2023 के बाद सबसे कम है। एनएसओ ने कहा कि फरवरी के दौरान मुख्य महंगाई दर और खाद्य महंगाई दर में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडे, मांस और मछली, दालों और इसके उत्पादों और दूध और उसके उत्पादों की महंगाई दर में गिरावट के कारण हुई है।

आरबीआई ने महंगाई दर के मोर्चे पर चिंताएं कम करने के लिए फरवरी में नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया था। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की अगली समीक्षा बैठक अप्रैल की शुरुआत में होने वाली है। सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई दर को 2 प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत के भीतर रखने का दायित्व सौंपा हुआ है। आरबीआई अपनी मौद्रिक दरों का फैसला करते समय खुदरा महंगाई दर पर विशेष ध्यान देता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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