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Retail Inflation: आम जनता को महंगाई से मिली बड़ी राहत, खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 4.7 प्रतिशत पर पहुंची

Retail Inflation: सरकार ने शुक्रवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर को लेकर जानकारी दी। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2023 में मुद्रास्फीति दर गिरकर 18 महीने के निचले स्तर 4.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाने की चीजों के दाम गिरने की वजह से महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है।

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खाने की चीजों के दाम घटने से अप्रैल 2023 में खुदरा महंगाई दर 18 महीने के निचले स्तर पर आ गई

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KEY HIGHLIGHTS
  • देश की आम जनता को महंगाई से मिली बड़ी राहत
  • खुदरा महंगाई दर 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंची
  • अप्रैल 2023 में 4.7 प्रतिशत रही मुद्रास्फीति दर

Retail Inflation: देश के करोड़ों आम लोगों के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। जी हां, देशभर में खाने की चीजें सस्ती होने से अप्रैल महीने में खुदरा मुद्रास्फीति यानी खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) घटकर 18 महीनों के निचले स्तर 4.7 प्रतिशत पर आ गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़े में ये जानकारी दी गई है। बताते चलें कि ये लगातार दूसरा महीना है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI- Consumer Price Index) पर आधारित मुद्रास्फीति दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संतोषजनक दायरे में है। आरबीआई को मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के उतार-चढ़ाव के साथ 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है।

अप्रैल 2022 में 7.79 प्रतिशत थी खुदरा मुद्रास्फीति

आंकड़ों के अनुसार सीपीआई-आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस साल मार्च में 5.66 प्रतिशत और एक साल पहले अप्रैल महीने (अप्रैल 2022) में 7.79 प्रतिशत थी। अप्रैल 2023 में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। बताते चलें कि अक्टूबर 2021 में खुदरा महंगाई दर 4.48 प्रतिशत रही थी।

खाने की चीजों की महंगाई दर 1 साल पहले की तुलना में आधी से भी कम हुई

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistics Office) के अनुसार खाने की चीजों की महंगाई दर अप्रैल में घटकर 3.84 प्रतिशत रही जो मार्च में 4.79 प्रतिशत थी। इतना ही नहीं, एक साल पहले अप्रैल महीने (अप्रैल 2022) में ये 8.31 प्रतिशत थी। यानी एक साल में खाने की चीजों की महंगाई दर में आधे से भी ज्यादा 4.47 प्रतिशत कम हुई है।

दूध, फल महंगे होने से फरवरी 2023 में 6.4 प्रतिशत हो गई थी खुदरा मुद्रास्फीति

अनाज, दूध और फल आदि की कीमतें बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर 2022 में 5.7 प्रतिशत से बढ़कर इस साल फरवरी में 6.4 प्रतिशत पर आ गई थी। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 में खुदरा मुद्रास्फीति के 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

भाषा इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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