Anil Ambani: अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मंगलवार 1 अक्टूबर को बैठक करने वाला है, जिसमें लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल रिसॉर्सेज जुटाने की योजनाओं पर चर्चा और मंजूरी ली जाएगी। यह बैठक 19 सितंबर के पिछली बैठक के बाद हुई है, जिसके दौरान बोर्ड ने 3,000 करोड़ रु के इक्विटी ऑफर (प्रेफ्रेंशियल इश्यू) को मंजूरी दी थी। कंपनी का टार्गेट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों से इन फंड्स को जुटाना है। इस फंड से कंपनी की वित्तीय हालत में सुधार आ सकता है।
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कैसे जुटाया जाएगा ये फंड
कंपनी इक्विटी शेयर, इक्विटी-लिंक्ड सिक्योरिटीज या इक्विटी शेयरों में कंवर्टिबल वारंट जारी करके ये फंड जुटा सकती है। कंपनी प्रेफ्रेंशियल इश्यू, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट, राइट्स इश्यू या फॉरन करेंसी कंवर्टिबल बॉन्ड जारी कर सकती है। बोर्ड इश्यू प्राइस तय करने और बाकी हितधारकों से भी मंजूरी लेने पर विचार करेगा।
शेयर ने कराया फायदा
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसे अक्सर आरइन्फ्रा के नाम से जाना जाता है, रिलायंस ग्रुप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका नेतृत्व अनिल अंबानी करते हैं। कंपनी के शेयर ने हाल ही में जोरदार प्रदर्शन किया है।
26 सितंबर तक, रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में साल की शुरुआत से 54% से अधिक की वृद्धि हुई है, जो कि निफ्टी 50 इंडेक्स से काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जो इसी समय सीमा में 21% बढ़ा है।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
शेयर में इस शानदार तेजी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के नई पहलों और भविष्य में इसके ग्रोथ की संभावनाओं से निवेशकों का इसमें भरोसा बढ़ा है। आगामी बोर्ड बैठक से कंपनी की वित्तीय रणनीतियों पर और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है क्योंकि इसका टार्गेट बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
