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Reliance Capital ने RBI से मांगी 10 दिन की मोहलत, हिंदुजा ग्रुप को करेगी संपत्ति ट्रांसफर

Reliance Capital: रिलायंस कैपिटल के प्रशासक ने आरबीआई से 27 मई तक 10 दिन की मोहलत मांगी है। गौरतलब है कि NCLT के आदेश के अनुसार हिंदुजा ग्रुप की कंपनी के लिए रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने की समयसीमा 27 मई है।

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रिलायंस कैपिटल हिंदुजा समूह डील

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • रिलायंस कैपिटल ने RBI से मांगी मोहलत
  • 10 दिन का मांगा समय
  • हिंदुजा ग्रुप को करेगी संपत्ति ट्रांसफर

Reliance Capital: कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) के प्रशासक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से संपर्क कर हिंदुजा ग्रुप (Hinduja Group) की कंपनी को संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है। रिलायंस कैपिटल अनिल अंबानी की कंपनी थी, जो दिवालिया हो गई है। रिलायंस कैपिटल की संपत्ति हिंदुजा ग्रुप की कंपनी एशिया एंटरप्राइजेज (Asia Enterprises) को हस्तांतरित करने की समयसीमा शुक्रवार को खत्म हो गई। आरबीआई ने इसके लिए 17 नवंबर, 2023 को मंजूरी दी थी, जो केवल छह महीने के लिए वैध थी। मगर अब इसी के लिए 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत मांगी गयी है।

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27 मई तक की मांगी मोहलत

सूत्रों ने बताया कि रिलायंस कैपिटल के प्रशासक ने आरबीआई से 27 मई तक 10 दिन की मोहलत मांगी है। गौरतलब है कि NCLT के आदेश के अनुसार हिंदुजा ग्रुप की कंपनी के लिए रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने की समयसीमा 27 मई है।

फरवरी में मांगी थी इजाजत

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने 27 फरवरी को रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी देते हुए इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड को 27 मई तक रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने का निर्देश दिया था।

न्यायाधिकरण ने हिंदुजा ग्रुप की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड की रिलायंस कैपिटल के लिए 9,650 करोड़ रुपये की रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी।

कैसे रिलायंस कैपिटल दिवालिया हुई

रिलायंस कैपिटल के दिवालिया होने की शुरुआत नवंबर 2021 में हुई थी जब RBI ने इसके बोर्ड को हटाकर निर्णायक कदम उठाया था। यह कार्रवाई अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की यूनिट के लिए जिम्मेदार प्रशासन संबंधी चिंताओं और पेमेंट में चूक के कारण की गई थी।

उस समय नागेश्वर राव वाई को कंपनी के प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया, जिन्हें कंपनी को रिकवरी की दिशा में ले जाने का काम सौंपा गया। फरवरी 2022 तक, रिलायंस कैपिटल को अपने नियंत्रण में लेने के लिए बोलियाँ मांगी गईं, जिसने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन की सूचना दी थी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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