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अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदने के लिए लगी रेस! जानिए क्या है अपडेट

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 4, 2023, 01:12 PM IST

Reliance Capital News: कर्ज समाधान प्रक्रिया के तहत रिलायंस कैपिटल की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की गई थीं। अहमदाबाद स्थित टॉरेंट समूह ने और हिंदुजा समूह ने कंपनी के अधिग्रहण के लिए बोली लगाई है।

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अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी कंपनी को खरीदने के लिए लगी रेस!

Photo : BCCL

Reliance Capital News: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का नेतृत्व करने वाले अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (Reliance Capital Limited) को खरीदने के लिए रेस लगी है। अब रिलायंस कैपिटल की ऋण शोधन प्रक्रिया पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का बड़ा फैसला आया है। आइए जानते हैं क्या है ये।

ऋण शोधन प्रक्रिया पर लगी रोक

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने टॉरेन्ट समूह की याचिका पर कर्ज में फंसी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड की ऋण शोधन प्रक्रिया पर मंगलवार को रोक लगा दी। सूत्रों ने कहा कि गुजरात के टॉरेन्ट समूह ने इस याचिका में हिंदुजा समूह की तरफ से संशोधित बोली लगाए जाने को चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए एनसीएलटी मुंबई ने ऋणशोधन प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

किस कंपनी ने कितनी लगाई बोली?

ई-नीलामी में टॉरेन्ट समूह 8,640 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरा जबकि हिंदुजा समूह की बोली 8,110 करोड़ रुपये रही। हालांकि ई-नीलामी के अगले दिन हिंदुजा समूह ने अपनी पेशकश को संशोधित कर 9,000 करोड़ रुपये कर दिया। टॉरेन्ट ने अपनी याचिका में दावा किया कि ई-नीलामी के बाद हिंदुजा समूह की तरफ से संशोधित पेशकश करना गलत और अवैध है। एनसीएलटी ने प्रशासक से टॉरेन्ट समूह के आवेदल पर जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

इस बीच, आरसीएल के कर्जदाताओं की मंगलवार को हुई बैठक में टॉरेन्ट समूह और हिंदुजा समूह दोनों की बोलियों पर चर्चा की गई। रिलायंस कैपिटल के बड़े कर्जदाताओं एलआईसी और ईपीएफओ की पहल पर यह ई-नीलामी की गई। इन दोनों की सीओसी में सम्मिलित हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है। यह पहला मौका है जब दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत किसी एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) के लिए ई-नीलामी की गयी थी।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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