Anil Ambani ’s Reliance Capital acquisition: अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल (RCap) के अधिग्रहण को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अशोक हिंदुजा के नेतृत्व वाले इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने आखिरकार 5,600 करोड़ रुपये का भुगतान कर इस अधिग्रहण को पूरा कर लिया है। इसके साथ ही ऋणदाताओं ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में दायर याचिका वापस ले ली है।
IIHL ने पूरी तरह से संभाला रिलायंस कैपिटल का नियंत्रण
19 मार्च 2025 को हिंदुजा समूह ने तीन साल की लंबी संकट समाधान प्रक्रिया को पूरा करने के बाद रिलायंस कैपिटल का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया। इसके बाद ऋणदाताओं की समिति (CoC) ने NCLAT को सूचित किया कि IIHL ने संकट समाधान योजना के तहत पूरा भुगतान कर दिया है। समिति के सदस्यों ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और अजय दास मेहरोत्रा की खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया।
न्यायालय ने कहा, "परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए याचिका को स्वीकार किया जाता है और इसे वापस लिया गया माना जाएगा। यदि कोई अन्य लंबित आवेदन हैं, तो उन्हें भी निपटाया जाता है।"
IIHL ने न केवल रिलायंस कैपिटल को अधिग्रहण किया, बल्कि इसके प्रमुख उपक्रमों का भी नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इनमें रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रक्शन शामिल हैं।
रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण कैसे हुआ?
अप्रैल 2023 में, IIHL ने 9,650 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण के लिए आवेदन किया था। इसके तहत 27 मई 2024 तक योजना को लागू करने की समय सीमा तय की गई थी, जिसे 10 अगस्त 2024 तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन इस प्रक्रिया में देरी के कारण ऋणदाताओं ने NCLAT में अपील दायर की थी, जिसमें संशोधन की मांग की गई थी।
बीमा कंपनियों की होगी सार्वजनिक लिस्टिंग
IIHL ने रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण के बाद घोषणा की कि रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस को अगले 2-3 सालों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) किया जाएगा। साथ ही, रिलायंस ब्रांडिंग को भी हटाया जाएगा। गौरतलब है कि रिलायंस कैपिटल में वर्तमान में 1,28,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस टेकओवर के बाद कंपनी की नई रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
