RBI Monetary Policy:आरबीआई (RBI) ने एक बार फिर से रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के इस कदम से रेपो रेट 6.50 फीसदी पर बरकरार है और लोगों की ईएमआई में भी कोई बदलाव नहीं होगा । आरबीआई के इस फैसले को रियल एस्टेट सेक्टर हाउसिंग सेक्टर के लिए बड़ा बूस्ट मान रहा है। उसे उम्मीद है कि कर्ज महंगा नहीं होने से घरों की मांग बढ़ेगी।
रियल एस्टेट सेक्टर को मंदी का था डर
आरबीआई द्वारा पिछ्ले साल रेपो रेट में छह बार बढ़ोतरी की गई थी। और ऐसे में रियल एस्टेट डेवलपर्स को इस बात की आशंका कि अगर अप्रैल में कर्ज महंगा हुआ तो मंदी आ सकती है। इसलिए सेक्टर के संगठन क्रेडाई ने आरबीआई से रेपो रेट नहीं बढ़ाने की अपील की थी। आज के फैसले पर क्रेडाई एनसीआर के प्रेसिडेंट और गौड़ ग्रुप के सीएएमडी मनोज गौड़ ने कहा है यह वास्तव में रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक राहत की बात है। अब हम आगामी महीनों में रेपो दर को कम होने की उम्मीद कर रहे हैं जो रियल एस्टेट क्षेत्र को और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।वहीं SKA ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा का कहना है कि आज का फैसला अच्छा कदम है लेकिन रियल एस्टेट बाजार में अभी भी कुछ चुनौतियां हैं जिन्हें पता किया जाना चाहिए।
एनसीआर में बनी रहेगी मांग
वहीं त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान का कहना है विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के साथ आवासीय रियल एस्टेट की मांग बढ़ रही है। यह फैसला प्रॉपर्टी की मांग को बनाए रखने में मदद करेगा और नए घर खरीदारों को रियल एस्टेट बाजार में निवेश करने के लिए भी प्रेरित करेगा। हम आशा करते हैं कि यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, मुद्रास्फीति की दर को कम करने और वित्त वर्ष 24 के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5% प्राप्त करने में मदद करेगा।
गंगा रियल्टी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग का कहना है यह कदम स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करता है, निवेशकों को आकर्षित करता है और लंबी अवधि के निवेशों को प्रोत्साहित करता है। रेपो दरों को स्थिर रखना यह सुनिश्चित करता है कि घर खरीदारों और विकासकर्ताओं के लिए उधार लेने की लागत बदलती नहीं है, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनता है।
