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इन बैंकों में जमा पैसे का कोई नाम लेवा नहीं, AI बताएगा वारिस कौन,जानें कहां कितना पैसा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 6, 2023, 04:34 PM IST

Unclaim Deposits in Banks: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने रिजर्व बैंक को करीब 35,000 करोड़ रुपये की ऐसी जमा स्थानांतरित की है, जिनमें पिछले 10 साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। सबसे अधिक 8,086 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशि भारतीय स्टेट बैंक में जमा है।

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अब ऑनलाइन मिलेगी Unclaim Deposits की जानकारी

Unclaim Deposits in Banks:भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न बैंकों में बिना दावे वाली जमा राशि का पता लगाने के लिए एक केंद्रीयकृत पोर्टल शुरू करने का फैसला किया है। बैंकों में बड़ी मात्रा में ऐसे खाते हैं जिनमें जिनमें बरसों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है।फरवरी, 2023 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने रिजर्व बैंक को करीब 35,000 करोड़ रुपये की ऐसी जमा स्थानांतरित की है, जिनमें पिछले 10 साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इसके तहत बैंक बिना दावे वाली राशि की सूची अपनी वेबसाइट पर दिखाएंगे।

पहचान के लिए AI का होगा यूज

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजों की घोषणा के दौरान कहा कि जमाकर्ताओं और लाभार्थियों की पहुंच को व्यापक करने और उसमें सुधार के लिए एक वेब पोर्टल बनाने का फैसला किया गया है। इसके जरिये विभिन्न बैंकों में जमा बिना दावे वाली राशि का पता लगाया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि ‘सर्च’ के नतीजों को बेहतर करने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा।

Unclaim Deposit in Banks

बैंकों में जमा है 35 हजार करोड़

इन बैंकों में सबसे ज्यादा है पैसा

सबसे अधिक 8,086 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशि भारतीय स्टेट बैंक में जमा है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक में 5,340 करोड़ रुपये की बिना दावे वाली राशि है। केनरा बैंक में ऐसी जमा राशि 4,558 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) में 3,904 करोड़ रुपये है।बैंकों के पास जिस जमाराशि पर 10 साल तक कोई दावा नहीं किया जाता है उसे रिजर्व बैंक के ‘जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए)’ कोष में स्थानांतरित कर दिया जाता है।दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक इस उद्देश्य के साथ काम करता है कि कोई भी नई जमा बिना दावे वाली राशि में नहीं आए। इसके अलावा जो राशि बिना दावे के पड़ी है उसे उसके सही लाभार्थी को निर्धारित प्रक्रिया के जरिये दिया लौटाया जाए। दूसरे पहलू पर उन्होंने कहा कि बैंक बिना दावे वाली राशि की सूची अपनी वेबसाइट पर दिखाएंगे।

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