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RBI के सख्त निर्देश, लोन वसूली में अब नहीं चलेगी गुंडागर्दी! सम्मान से मांगें पैसे, वरना खैर नहीं

अब लोन रिकवरी के लिए बैंक और उनसे जुड़े रिकवरी एजेंट गुंडागर्दी नहीं कर सकेंगे। देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई ने Responsible Business Conduct के अंतर्गत एक संशोधित ड्राफ्ट निर्देश जारी किया है। इसमें लोन रिकवरी एजेंट के कर्ज वसूली के तरीकों के लेकर सख्त गाइडलाइन्स प्रस्तावित की गई हैं।

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लोन रिकवरी एजेंट्स नहीं कर सकेंगे अब बदतमीजी (Photo: iStock)

भारतीय रिजर्व बैंक ने Responsible Business Conduct के अंतर्गत एक संशोधित ड्राफ्ट निर्देश जारी किया है, जिसमें बैंकों और उनसे जुड़े रिकवरी एजेंटों के व्यवहार और कर्ज वसूली के तरीके को लेकर नई सख्त गाइडलाइंस प्रस्तावित की गई हैं। इनका मुख्य लक्ष्य उधारकर्ताओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना है। साथ ही, बदतमीजी और परेशान करने वाले तरीकों को रोकना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

बैंक और एजेंट्स के लिए गाइडलाइन्स

नए प्रस्ताव के अनुसार बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके रिकवरी एजेंट कुछ बातों का खास ध्यान रखें-

  • ग्राहकों से सभ्य और विनम्र भाषा में बात की जाएगी। कोई धमकी, अभद्रता या गाली-गलौज का इस्तेमाल नहीं होगा।
  • ग्राहकों से संपर्क शाम 7 बजे से पहले ही किया जा सकेगा। रात के समय फोन या घर पर वसूली नहीं की जा सकती।
  • एजेंट द्वारा की गई हर कॉल को रिकॉर्ड किया जाए ताकि किसी विवाद की स्थिति में सबूत मौजूद रहे।
  • एजेंटों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेना आवश्यक होगा और वे कोई वसूली गतिविधि तभी करें जब उन्हें उपयुक्त प्रमाणित प्रशिक्षण मिला हो।
  • खास मौकों जैसे घर-परिवार में किसी की मौत, शादी, त्योहार या गंभीर बीमारी की स्थिति में उधारकर्ता से संपर्क नहीं किया जाएगा।

इन निर्देशों से केंद्रीय बैंक RBI न केवल कर्ज वसूली की प्रक्रिया को मानवीय बनाए रखना चाहता है, बल्कि उधारकर्ताओं के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक अधिकारों का भी सम्मान करना चाहता है।

बैंकों की जिम्मेदारी भी तय

RBI का प्रस्ताव यह भी कहता है कि बैंक उन एजेंटों के व्यवहार के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे, जिन्हें उन्होंने नियुक्त किया है। अगर रिकवरी एजेंट किसी तरह का अनुचित व्यवहार करता है तो बैंक को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। साथ ही, ग्राहकों के डेटा का गलत इस्तेमाल भी नहीं होना चाहिए और एजेंटों का पृष्ठभूमि जांच पहले और बाद में निरंतर होती रहेगी।

कब से लागू हो सकते हैं नियम

ये ड्राफ्ट नियम जनता और बैंकों से प्रतिक्रिया (feedback) के लिए पेश किए गए हैं, जिसे 6 मार्च 2026 तक सबमिट किया जा सकता है। इसके बाद संशोधित दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा और 1 जुलाई 2026 से इन्हें लागू किए जाने की उम्मीद है।

उधारकर्ताओं को मिलेगी राहत

जानकारों की मानें तो इन नए नियमों के लागू होने से उधारकर्ताओं को परेशान करने वाली वसूली प्रथाओं में कमी आएगी, अनुचित व्यवहार पर अंकुश लगेगा और वित्तीय ग्राहकों को अधिक सम्मानजनक सेवा मिलेगी। इससे बैंकिंग प्रणाली में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी बेहतर होगी।

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शिवानी कोटनाला
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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