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RBI ने कर्ज नहीं किया महंगा,अब तुरंत करे ये काम,नहीं तो बाद में होगा पछतावा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Apr 6, 2023, 06:29 PM IST

RBI Monetary Policy Impact: पिछले एक साल में आरबीआई ने 2.50 फीसदी रेपो रेट बढ़ाया है। इसका असर यह हुआ है कि जो होम लोन लोगों को 7 फीसदी पर मिल रहा था, वह अब 8.7-9.0 फीसदी के करीब पहुंच गया है। जिसकी सबसे ज्यादा मार मौजूदा होम लोग ग्राहकों को पर पड़ी है।

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बैंक और एफडी से जुड़े ये काम तुरंत करें

RBI Monetary Policy Impact: उम्मीदों के विपरीत आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं की है। उसके द्वारा रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने की वजह ग्रोथ रेट को बढ़ाना है। क्योंकि पिछले एक साल से लगातार रेपो रेट बढ़ने से लोगों पर न केवल EMI का बोझ का बढ़ा है। बल्कि इकोनॉमी में भी सुस्ती आने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए आरबीआई ने ग्रोथ को तरजीह दी है। ऐसे में यह समय ऐसा है, कि आप थोड़ी सी समझदारी से न केवल लाखों की बचत कर सकते हैं। बल्कि ज्यादा कमाई भी कर सकते हैं।

होम लोन ग्राहक तुरंत करें ये काम

पिछले एक साल में आरबीआई ने 2.50 फीसदी रेपो रेट बढ़ाया है। इसका असर यह हुआ है कि जो होम लोन लोगों को 7 फीसदी पर मिल रहा था, वह अब 9 फीसदी के करीब पहुंच गया है। जिसकी सबसे ज्यादा मार मौजूदा होम लोग ग्राहकों को पर पड़ी है। इसकी वजह से न केवल ईएमआई का बोझ बढ़ा है, बल्कि जिन ग्राहकों की ईएमआई नहीं बढ़ी है उनकी लोन अवधि बढ़ गई है।

मसलन अगर किसी व्यक्ति ने 40 लाख रुपये का लोन करीब 7 फीसदी के ब्याज पर मई 2022 से पहले ले रखा था, तो उसका ईएमआई में करीब 6000 रुपये की बढ़त हो चुकी है। आम तौर पर ईएमआई बढ़ाने की जगह लोन की अवधि बढ़ा देते हैं। ऐसे में तुरंत ईएमआई का बोझ नहीं पड़ता है लेकिन इस चक्कर में लाखों रुपये ज्यादा चुकाने पड़ते हैं। क्योंकि लोन अवधि में 15-20 साल का इजाफा हो चुका है। इसे देखते हुए तुरंत बैंक से संपर्क कर नई ब्याज दरों पर ईएमआई को फिक्स कराना चाहिए। जिससे कि लोन की अवधि कम हो और लाखों का एक्स्ट्रा ब्याज देने से बचा जा सके।

होम लोन ट्रांसफर का भी कर सकते हैं विकल्प

चूंकि अब आरबीआई ने ब्याज दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर ब्रेक लगा दिया है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि अगर महंगाई आरबीआई के अनुमान के अनुसार 5.2 फीसदी के स्तर पर आ जाती है तो वह आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा। ऐसे में यह समय होम लोन ट्रांसफर का भी है। होम लोन ग्राहक कम ब्याज दर वाले बैंक के पास अपना होम लोन ट्रांसफर करा सकते हैं।

इसके तहत मौजूदा होम लोन रेट और दूसरे बैंकों के रेट से तुलना की जा सकती है। और अगर दूसरे बैंक का कर्ज सस्ता है, और वह लोन ट्रांसफर का विकल्प दे रहा हैं, तो यह ईएमआई पर राहत का अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि होम लोन ट्रांसफर करने से पहले हमेशा इस बात की पड़ताल कर लेनी चाहिए कि उसका इफेक्टिव फायदा कितना होगा। क्योंकि लोन ट्रांसफर करते समय ब्याज के साथ-साथ लोन की अवधि, बैलेंस अमाउंट, प्रोसेसिंग फीस, क्रेडिट स्कोर आदि मायने रखते हैं।

FD पर ज्यादा ब्याज पाने का मौका

चूंकि आरबीआई ने इस बार रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं की है, उसे देखते हुए अब इस बात की पूरी संभावना है कि फिलहाल कर्ज महंगा होने पर ब्रेक लगेगा। बैंकों ने पिछले एक साल में कर्ज महंगा होने की वजह से FD की ब्याज दरो में भी बढ़ोतरी की है। इसे देखते हुए अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो बैंक की एफडी और पोस्ट ऑफिस सेविंग अच्छा विकल्प बन सकते हैं। क्योंकि इस समय बैंक एफडी पर 7 फीसदी का ब्याज आसानी से पाया जा सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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