RBI MPC Meeting October 2026 : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि हालांकि वैश्विक आर्थिक वृद्धि फिलहाल कुछ हद तक लचीली बनी हुई है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इस साल इसमें गिरावट आने का अनुमान है। ऊर्जा की बढ़ती लागत और खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के चलते दुनिया भर में महंगाई में तेज बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अगर महंगाई इसी तरह बढ़ी, तो वैश्विक स्तर पर प्रमुख केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर मौद्रिक नीति को और कड़ा करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया के इस बढ़ते संकट ने दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता को गहरा दिया है, जिससे वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर गंभीर चुनौतियां मंडराने लगी हैं। आइए जानते हैं RBI MPC मीटिंग की 10 बड़ी बातें:-
- भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने चालू वित्त वर्ष की चौथी मौद्रिक समीक्षा में सर्वसम्मति से नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने का फैसला किया। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नीतिगत दरों में आगे कटौती की संभावना नहीं या तो इसमें वृद्धि होगी या यह स्थिर रहेगी। यह फरवरी, 2023 के बाद पहला मौका है जब नीतिगत दर में वृद्धि की गई है। इससे पहले पिछले साल फरवरी से दिसंबर, 2025 तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। इस साल फरवरी, अप्रैल, जून तथा अगस्त की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
- आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी व्यापक, भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने की उम्मीद। आगे चलकर वैश्विक अनिश्चितता, आपूर्ति सीरीज में बाधा से घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर कुछ असर पड़ सकता है।
- गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 0.40 प्रतिशत बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत किया।
- चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया, जो पहले 6.7 प्रतिशत था।
- वहीं मुद्रास्फीति के अनुमान को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत किया गया है। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर का अनुमान 5 प्रतिशत से मामूली बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत किया।
- आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने अपने रुख ’तटस्थ’ से बदलकर ’सोच-समझकर सख्त’ किया। ऋण वृद्धि मजबूत, व्यापक बनी हुई है।
- गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि कमजोर मानसून और अल नीनो के असर से आगामी रबी सत्र पर असर पड़ सकता है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कीमतों का दबाव विभिन्न जिंसों में दिख रहा है।
- आरबीआई गवर्नर ने कहा, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हुआ है और यह 11 महीने की आयात जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
- चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में शुद्ध एफडीआई प्रवाह बढ़कर 13.8 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल समान अवधि में 9.6 अरब डॉलर था।
- गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि हम कीमतों के साथ वित्तीय स्थिरता पर भी ध्यान देंगे, क्योंकि लंबे समय में टिकाऊ वृद्धि के लिए दोनों ही जरूरी हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक मजबूती को और बढ़ाने वाली नीतियों को लागू करना जारी रखेंगे।
