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Share Bazar: RBI के फैसले के पहले बहार, इन फैक्टर्स ने राह कर दी आसान,क्या EMI पर देगा सरप्राइज

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 8, 2023, 09:00 AM IST

RBI MPC Meeting:महंगाई, क्रेडिट ग्रोत, निर्यात और ग्रोथ रेट जैसे अहम इंडीकेटर को देखते हुए इस बार उम्मीद है कि आरबीआई रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रख सकता है। हालांकि आगे की संभावना को देखते हुए आरबीआई क्या सरप्राइज करेगा, इस पर भी लोगों की नजर है।

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आरबीआई का फैसले पर सबकी नजर

RBI MPC Meeting:आरबीआई के फैसले के पहले शेयर बाजार में बहार है। बीएसई का सेंसेक्स 350.08 अंक उछलकर 63,142.96 अंक पर बंद हुआ, वही एनएसई का निफ्टी भी 127.40 अंक चढ़कर 18,726.40 अंक पर बंद हुआ है। इस बढ़त के साथ सेंसेंक्स ने साल 2023 में पहली बार 63 हजार का आंकड़ा पार किया है। शेयर बाजार में रौनक की एक बड़ी वजह 8 जून को आने वाला आरबीआई का फैसला है। असल में जिस तरह पिछले कुछ समय से आरबीआई के लिए इकोनॉमी के अहम इंडीकेटर उत्साह बढ़ाने वाले रहे हैं, ऐसे में बाजार सहित एक्सपर्ट को यह उम्मीद बढ़ गई है कि आरबीआई मौद्रिक समीक्षा नीति में कोई झटका नहीं देगा।

रेपो रेट में पर सबकी नजर

महंगाई, औद्योगिक उत्पादन, ग्रोथ रेट जैसे अहम इंडीकेटर को देखते हुए इस बार उम्मीद है कि आरबीआई रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रख सकता है। आरबीआई ने अप्रैल 2023 से पहले बीते एक साल में महंगाई पर लगा लगाने के लिए रेपो रेट में करीब 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। जिसके बाद से होम लोन , कार लोन सहित दूसरे कर्ज महंगे हो गए थे। आरबीआई की कोशिश थी कर्ज महंगा कर महंगाई पर लगाम लगाई जाय। और अब यह टारगेट आरबीआई के दायरे में हैं।

महंगाई 18 महीने के निचले स्तर पर

  • रिटेल महंगाई दर 18 महीनों के निचले स्तर 4.7 फीसदी पर आ चुकी है। और वह आरबीआई के सामान्य स्तर 6 फीसदी से नीचे हैं, उसे देखते हुए आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकता है। ऐसे में आरबीआई के लिए इस बार की समीक्षा बैठक में सबसे बड़ी राहत की बात यही रहने वाली है। और ऐसी संभावना है कि मई के जब आंकड़े आएंगे तो महंगाई दर में और गिरावट आएगी।
  • इसी तरह चौथी तिमाही में GDP ग्रोथ रेट उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 6.1 फीसदी पर रही है। साथ ही पूरे वित्त वर्ष 2022-23 के लिए यह 7.2 फीसदी पर रही। जो आरबीआई के लिए राहत की बात है।
  • बैंकिंग सेक्टर का भी परफॉर्मेंस आरबीआई के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। पिछले एक साल से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बावजूद बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ (नॉन फूड) 15-16 फीसदी बनी हुई है।
  • इसके अलावा अप्रैल ऐसा महीना रहा है जब भारत का निर्यात 12.7 फीसदी की दर से बढ़ा है। जो कि जून 2022 के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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