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RBI Retail Direct App:अब आम निवेशक मोबाइल ऐप से खरीद-बीच सकेंगे सरकारी प्रतिभूतियां, जानें कैसे करेगा काम

RBI Retail Direct App: रिटेल डायरेक्ट के जरिये रिटेल निवेशक अब अपने स्मार्टफोन पर मोबाइल ऐप का उपयोग करके सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री कर सकते हैं।मोबाइल ऐप को एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए ‘प्ले स्टोर’ और आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए ‘ऐप स्टोर’ से डाउनलोड किया जा सकता है।

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आरबीआई रिटेल डायरेक्ट ऐप लांच

RBI Retail Direct App:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को रिटेल निवेशकों समेत अन्य के लिए चीजों को आसान बनाने को कई कदम उठाये। इसके तहत एक तरफ जहां सरकारी प्रतिभूति बाजार में खुदरा निवेशकों की भागदारी के लिए मोबाइल ऐप जारी किया वहीं दूसरी तरफ सरल तरीके से ऑनलाइन आवेदन को लेकर ‘प्रवाह’ पोर्टल शुरू किया गया। मोबाइल ऐप के जरिये रिटेल निवेशक अब अपने स्मार्टफोन पर मोबाइल ऐप का यूज करके सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री कर सकते हैं।इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति या इकाई के लिए विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के लिए सरल तरीके से ऑनलाइन आवेदन करने को लेकर प्रवाह पोर्टल शुरू किया गया है।केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि यह पोर्टल रिजर्व बैंक की तरफ से नियामकीय मंजूरी देने से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं को सुगम बनाएगा।

ऐसे खरीद-बेच सकेंगे सरकारी प्रतिभूति

सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से जुड़े ‘रिटेल डायरेक्ट’ मोबाइल ऐप के संबंध में बयान में कहा गया है कि इसके जरिये रिटेल निवेशक अब अपने स्मार्टफोन पर मोबाइल ऐप का उपयोग करके सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री कर सकते हैं।मोबाइल ऐप को एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए ‘प्ले स्टोर’ और आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए ‘ऐप स्टोर’ से डाउनलोड किया जा सकता है। फिलहाल ‘रिटेल डायरेक्ट’ पोर्टल खुदरा निवेशकों को भारतीय रिजर्व बैंक के साथ खुदरा प्रत्यक्ष सरकारी प्रतिभूति खाते खोलने की सुविधा प्रदान करता है।पोर्टल नवंबर, 2021 में शुरू किया गया था। यह खुदरा निवेशकों को प्राथमिक नीलामी में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदने के साथ-साथ द्वितीयक बाजार में उसे खरीदने और बेचने की सुविधा देता है।

MTech Repository

इसके साथ ही, ‘एमटेक रिपॉजिटरी’ भी जारी किया गया है। यह केवल आरबीआई के दायरे में आने वाली इकाइयों (बैंकों और एनबीएफसी) के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों (AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि) को अपनाने के लिए एक संबंधित रिपॉजिटरी है।फिनटेक और एमटेक रिपॉजिटरी सुरक्षित वेब-आधारित एप्लिकेशन हैं और इन्हें आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) प्रबंधित करती है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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