अगर आपके किसी करीबी की मृत्यु हो जाती है और आप उनके बैंक खाते या लॉकर से जुड़ा कोई क्लेम करना चाहते हैं, तो अब आपको पुराने जमाने जैसी जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम लोगों के हित में एक बड़ा बदलाव किया है। अब मृतक बैंक ग्राहक के परिवारवाले खाते या लॉकर से जुड़े दावे बेहद आसान तरीके से निपटा सकेंगे।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 अगस्त 2025 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “हम मृतक ग्राहकों के बैंक खातों और लॉकर में रखी वस्तुओं से जुड़े दावों को निपटाने की प्रक्रिया को एकसमान और सरल बना रहे हैं, ताकि परिवारजनों को अनावश्यक परेशानी न हो।”
क्यों जरूरी था ये बदलाव?
अक्सर देखा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके बैंक खाते या लॉकर को लेकर परिवारवालों को काफी लंबी, जटिल और थकाऊ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। दस्तावेज़ों की कमी, नियमों की अलग-अलग व्याख्या और बैंकों की धीमी प्रक्रिया इसे और मुश्किल बना देती थी। अब RBI ने इस समस्या को समझते हुए इसे "मानकीकृत और सुविधाजनक" बनाने का फैसला किया है, ताकि किसी परिवार को भावनात्मक नुकसान के साथ-साथ आर्थिक जटिलताओं से भी दो-चार न होना पड़े।
RBI का नागरिक-केंद्रित एजेंडा
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह भी कहा कि RBI का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों का कल्याण और हित है, खासकर समाज के सबसे निचले तबके के लोगों का। उन्होंने कहा, "भारत के लोग, खासकर सबसे निचले पायदान पर खड़े लोग ही हमारे अस्तित्व का मूल कारण हैं।" इसी सोच के साथ RBI ने जनधन योजना के 10 साल पूरे होने के मौके पर एक और पहल की है।
पंचायत स्तर पर लगेंगे बैंकिंग कैंप
1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक देशभर में पंचायत स्तर पर बैंकिंग कैंप लगाए जा रहे हैं। इनका मकसद है नए बैंक अकाउंट खोलना, पुराने खातों की दोबारा KYC करना, छोटे बीमा व पेंशन स्कीमों से जोड़ना और ग्राहकों की शिकायतों का समाधान करना।
रिटेल निवेशकों को भी राहत
RBI अब अपने ‘रिटेल-डायरेक्ट’ प्लेटफॉर्म की सुविधाओं का भी विस्तार कर रहा है। इसके तहत अब खुदरा निवेशक SIP (Systematic Investment Plan) के ज़रिए सरकारी प्रतिभूतियों (Treasury Bills) में निवेश कर पाएंगे।
