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ET Now Global Business Summit: AI से नौकरियां नए रूप में आएंगी, तकनीक के दुरुपयोग पर होगा सख्त एक्शन...बोले राजीव चंद्रशेखर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2024, 09:11 PM IST

ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एआई के इस्तेमाल, स्किल्ड वर्कफोर्स और मौजूदा तकनीक के दुरुपयोग पर सख्त एक्शन लेने सहित कई मुद्दों पर सरकार का नजरिया सामने रखा।

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राजीव चंद्रशेखर

ET Now Global Business Summit: ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने डिजिटल इंडिया से लेकर एआई के उपयोग और मौजूदा सूचना युग में तकनीक के दुरुपयोग सहित कई मुद्दों पर सरकार का नजरिया सामने रखा। चंद्रशेखर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में स्किल लोगों को नियुक्ति की जा रही है। पीएम का मानना है कि हमें यंग वर्कफोर्स को आगे बढ़ाना है, देश में और देश के बाहर भी। कोविड-19 दौर के बाद इन चीजों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुझे लगता है कि हमारा लक्ष्य है कि स्किल टैलेंट हब इस नए दशक के लिए ही है।

कांग्रेस के ब्लैक पेपर को बताया हिप्पोक्रैसी

कांग्रेस के ब्लैक पेपर अभियान और देश में बेरोजगारी बढ़ने के पार्टी के आरोप पर मंत्री ने कहा, ये महज उनकी एक क्रिएटिविटी है। ब्लैक पेपर मामला उनकी हिप्पोक्रैसी का सबूत है। 2014 में पीएम मोदी ने जब देश संभाला तो 41 करोड़ भारतीयों रोजाना नौकरी पर जाते थे, लेकिन उनके पास कोई खास स्किल नहीं थी। अब पीएम मोदी ने ऐसे वर्कफोर्स पर खास ध्यान दिया है। उनका मानना है कि दुनिया की सबसे तेज इकोनमी को स्किल चाहिए। अगर किसी ने स्किल को आगे बढ़ाया है, मौके पैदा किए हैं, तो वो हमारी सरकार है।

लोगों को स्किल के काम करने का मिला मौका

उन्होंने कहा, लोगों को स्किल के साथ कार्य करने का मौका इस सरकार में मिला है। कांग्रेस का ब्लैक पेपर बताता है कि उसके पास बताने के लिए कुछ नहीं है। हमारा लक्ष्य 2047 में देश को विकसित देश बनाने का है। ये लोग नए विचारों पर सहयोग नहीं कर रहे, बल्कि आधा सच-आधा झूठ पेश कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2017 के बाद बेरोजगारी के आंकड़े घटे हैं, सिवाय कोविड काल के। आज केरल, राजस्थान जैसे राज्यों में सबसे अधिक बेरोजगारी है। कुछ राज्यों में बेरोजगारी आंकडे़ बहुत ऊंचे हैं और ये वो राज्य हैं जहां से ब्लैक पेपर के लेखकों का संबंध है।

एआई से नौकरियां नए रूप में आएंगी

आधुनिक टेक्नोलॉजी से नौकरी पर आंच को लेकर चंद्रशेखर ने कहा कि एआई आज के दौर में तेजी से आगे बढ़ रही है, सामान्य तौर पर देखें तो तकनीक अपने आप में दूसरों की जगह लेने वाली है। लेकिन एआई अधिक से अधिक मौके भी पैदा करेगी, ये कुछ नौकरियों को रिप्लेस करेगी। कुछ नौकरियां नए रूप में आएंगी। ऐसा कहना कि ये पूरी तरह नौकरियों को खत्म कर देगी, सही नहीं है। हां ट्रांसफॉर्मेशन होगा, डिसरप्शन होगा।

तकनीक के दुरुपयोग होगी सख्त कार्रवाई

इंटरनेट पर तकनीक के दुरुपयोग के मु्द्दे पर उन्होंने कहा कि हम लोगों के हितों का पूरा बचाव करेंगे। डीपफेक, सीसैम, गलत सूचना देना ये सब अब प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी होगी। हमने हाल ही में एडवाइजरी जारी की है कि कंज्यूमर्स के अधिकारों का उल्लंघन होने पर नतीजे भुगतने होंगे। क्रिमिनल लॉ के तहत कार्रवाई होगी। अब नए तरीके से काम होगा।

डिजिटलाइजेशन पीएम मोदी का विजन

तकनीक से किसानों, महिलाओं की मदद कैसे होगी, इस सवाल पर राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत में तकनीक हर जगह पहुंच गई है। एक दशक पहले इस देश को डिस्फंक्शन डेमोक्रेसी कहा जाता था। 1 रुपये में से 15 पैसा ही लोगों तक पहुंचता था, लेकिन आज तस्वीर बदल गई है। भारत में जैसा डिजिटलाइजेशन हुआ है वैसा कही नहीं हुआ है। महिला, किसानों को तकनीक के जरिए पूरी मदद दी जा रही है। कई सालों से पश्चिमी देशों में धारणा थी कि टेक्नोलॉजी खास देशों के लिए ही है, लेकिन भारत ने बताया कि ये सबके लिए है। डिजिटलाइजेशन पीएम मोदी का विजन है, सरकार तीसरे टर्म में इस पर और आगे बढ़ेगी।

आज इंटरनेट बदल गया है

उन्होंने कहा, बहुत पहले जो इंटरनेट था आज वैसा नहीं है, आज ये बड़ा कमर्शियल प्लेटफॉर्म है। ग्राहकों को चुनने का अधिकार मिला है। इस खुलेपन को बरकरार रखने के लिए कंटेंट निर्माण और कंटेंट हासिल करने के लिए बातचीत की जरूरत है। हमने इस पर ध्यान दिया है। हमने लोगों तक पहुंच बनाई है, ध्यान रखा है कि छोटे कंटेंट क्रिएटरों को भी फायदा हो।

फेक न्यूज के खिलाफ करेंगे मदद

फेक न्यूज के मुद्दे पर सरकार ने यूनिट बनाई है जिसका काम है कि वह ऐसे प्लेटफॉर्म की मदद करे जो इसमें सरकार की मदद चाहती हैं। ऐसे प्लेटफॉर्म को मदद देते हैं जो जानना चाहते हैं कि पेटेंटे के रूप में क्या सही है और क्या गलत है। राज्य सरकार भी फैक्ट चैक यूनिट बना सकती है इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मेरा मानना है कि फैक्ट चेक यूनिट का काम ये बताना है कि क्या गलत है और क्या सही।

पेटीएम बैंक मामले पर बोले, कानून अपना काम करेगा

पेटीएम पेमेंट बैंक पर हुई आरबीआई की कार्रवाई पर चंद्रशेखर ने कहा, मैं आरबीआई के एक्शन पर टिप्पणी नहीं करूंगा, कानून हर जगह अपना काम करेगा। मैंने इस मामले पर एक ही बात कही है कि आप चाहें स्टार्टअप, फिनटैक हों या आइकोनिक फाउंडर हों, कानून अपना काम करेगा। अगर उसे लगेगा कि गलत हुआ है, तो वह काम करेगा। सरकार की तरफ से मैं इस पर आगे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा।
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