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Rail Vikas Nigam: रेल विकास निगम लि. के पास अब 65,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Feb 18, 2024, 04:55 PM IST

Rail Vikas Nigam:कुल ऑर्डर बुक में वंदे भारत ट्रेन की हिस्सेदारी लगभग 9,000 करोड़ रुपये है। वहीं 7,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर कई मेट्रो परियोजनाओं से संबंधित हैं। इसके अलावा कंपनी को विद्युतीकरण और पारेषण लाइन से संबंधित ऑर्डर भी मिले हैं।

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Rail Vikas Nigam: रेल विकास निगम लि. के पास अब 65,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर

Rail Vikas Nigam: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम रेल विकास निगम लि. (आरवीएनएल) की ‘ऑर्डर बुक’ 65,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जिसमें से 50 प्रतिशत रेलवे से जुड़ी परियोजनाएं हैं। कंपनी ने यह जानकारी दी है। कंपनी प्रबंधन ने निवेशक कॉल में कहा कि आरवीएनएल अब मध्य एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ पश्चिमी एशिया जैसे विदेशी बाजारों में नई परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रही है।

शीर्ष प्रबंधन के अधिकारियों ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमारे पास अब लगभग 65,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं। इनमें से 50 प्रतिशत रेलवे से जुड़े ऑर्डर हैं। शेष 50 प्रतिशत ऑर्डर हमें बाजार से मिले हैं। आने वाले समय में हमारी ऑर्डर बुक करीब 75,000 करोड़ रुपये होगी।’’

अधिकारियों ने बताया कि कुल ऑर्डर बुक में वंदे भारत ट्रेन की हिस्सेदारी लगभग 9,000 करोड़ रुपये है। वहीं 7,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर कई मेट्रो परियोजनाओं से संबंधित हैं। इसके अलावा कंपनी को विद्युतीकरण और पारेषण लाइन से संबंधित ऑर्डर भी मिले हैं।

अधिकारियों ने कहा कि आरवीएनएल अन्य क्षेत्रों में भी विविधीकरण कर रही है और उसकी विदेशों परियोजनाओं पर नजर है। रेल मंत्रालय के तहत रेल विकास निगम लिमिटेड रेल बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं के विकास, वित्तपोषण और क्रियान्वयन का काम करती है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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