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Property Buying Tips: घर खरीदने से पहले गांठ बांध लें ये 12 बातें; जरा सी चूक और जीवन भर की कमाई हो सकती है स्वाहा!

अगर आप भी अपना घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। अपना घर खरीदने से पहले आपको कुछ डाक्यूमेंट्स अच्छे से चेक करना चाहिए। अगर आप इनकी जांच नहीं करते हैं तो बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।

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Most Expensive house

अपना खुद का घर खरीदना हर इंसान का सपना होता है, लेकिन प्रॉपर्टी मार्केट की चकाचौंध के पीछे कई बार कानूनी जाल भी छिपे होते हैं। अक्सर लोग घर की लोकेशन और लुक देखकर सौदा पक्का कर लेते हैं, लेकिन असली खेल उन कागजों में होता है जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। एक छोटी सी लापरवाही आपको सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पर मजबूर कर सकती है। इसलिए, अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले इन 12 महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर लें।

1. सेल डीड (Sale Deed): सबसे मुख्य दस्तावेज

यह सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि प्रॉपर्टी का मालिकाना हक एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर हो गया है। सेल डीड की मूल प्रति (Original Copy) देखना बहुत जरूरी है। इसमें प्रॉपर्टी का पूरा विवरण और पेमेंट की शर्तें साफ होनी चाहिए।

2. सेल एग्रीमेंट (Agreement to Sell): सौदे की नींव

रजिस्ट्री से पहले बायर और सेलर के बीच एक एग्रीमेंट होता है। इसमें भविष्य में होने वाली सेल डीड की शर्तें, पेमेंट का समय और कुल कीमत लिखी होती है। यह पक्का करता है कि दोनों पक्ष अपनी बात से पीछे न हटें।

3. पजेशन लेटर (Possession Letter): कब्जा मिलने का सबूत

यह पत्र बिल्डर या पुराना मालिक आपको तब देता है जब वह घर की चाबियां आपको सौंपता है। इसमें प्रॉपर्टी के पजेशन की तारीख का स्पष्ट उल्लेख होता है।

4. अलॉटमेंट लेटर (Allotment Letter): बिल्डर से बुकिंग का प्रमाण

अगर आप अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी या नया घर बुक कर रहे हैं, तो बिल्डर आपको अलॉटमेंट लेटर देता है। इसमें फ्लैट नंबर, फ्लोर और भुगतान की गई राशि की जानकारी होती है।

5. रेरा रजिस्ट्रेशन (RERA Certificate): भरोसे का प्रतीक

आज के समय में बिना RERA रजिस्ट्रेशन वाली प्रॉपर्टी खरीदना जोखिम भरा है। चेक करें कि प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड है या नहीं। यह बिल्डर की जवाबदेही तय करता है और देरी होने पर आपकी सुरक्षा करता है।

6. एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate): कर्ज का पता

यह दस्तावेज बहुत जरूरी है क्योंकि यह बताता है कि प्रॉपर्टी पर कोई पुराना लोन या कानूनी विवाद तो नहीं है। इसे सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से प्राप्त किया जा सकता है।

7. ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (OC): रहने के लिए अनिवार्य

बिल्डर को यह सर्टिफिकेट नगर निगम से मिलता है जब बिल्डिंग पूरी तरह तैयार हो जाती है। बिना OC के किसी भी बिल्डिंग में रहना कानूनी रूप से गलत माना जाता है और भविष्य में पानी-बिजली के कनेक्शन में दिक्कत आ सकती है।

8. कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC): निर्माण पूरा होने का सर्टिफिकेट

यह इस बात का प्रमाण है कि बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत नक्शे और नियमों के अनुसार हुआ है।

9. मास्टर प्लान और स्वीकृत नक्शा (Approved Plan)

हमेशा चेक करें कि जो घर आप खरीद रहे हैं, उसका नक्शा संबंधित विकास प्राधिकरण (Development Authority) से पास है या नहीं। अवैध निर्माण कभी भी ढहाया जा सकता है।

10. टैक्स रसीदें (Tax Receipts): पुराने बकाया का हिसाब

सुनिश्चित करें कि पिछले मालिक ने हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और बिजली बिल जैसे सभी सरकारी बकाया चुका दिए हैं। लेटेस्ट टैक्स रसीद मांगना न भूलें।

11. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC): कई विभागों की मंजूरी

एक प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बिल्डर को फायर विभाग, प्रदूषण विभाग और जल विभाग जैसे कई ऑफिसों से NOC लेनी पड़ती है। इसकी कॉपी जरूर चेक करें।

12. मदर डीड (Mother Deed): इतिहास की जानकारी

यह प्रॉपर्टी की वंशावली की तरह है। इससे पता चलता है कि पहले यह जमीन किसकी थी और समय-समय पर इसके मालिक कैसे बदलते गए। लोन लेते समय बैंक अक्सर इसकी मांग करते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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