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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, जानें क्या है ये और किसे होता है फायदा?

मुद्रा योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत गैर-कॉरपोरेट और कृषि से इतर आय पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए 20 लाख रुपये तक का 'कोलेटरल-फ्री' (बिना गारंटी) संस्थागत ऋण आसानी से उपलब्ध है।

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PM Mudra Yojna

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने हाल ही में अपने सफर के 11 शानदार साल पूरे कर लिए हैं। साल 2015 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के छोटे उद्यमियों और अपना खुद का काम शुरू करने वाले लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। आज यह योजना करोड़ों भारतीयों के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है। मुद्रा योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक ऋण (Loan) पहुंचाना है जिन्हें बैंकों से लोन लेने में मुश्किल होती है, ताकि वे अपना छोटा-मोटा कारोबार खड़ा कर सकें।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और छोटे उद्यमियों के लिए क्रेडिट इकोसिस्टम को पूरी तरह से बदलने में मददगार साबित हुई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि यह योजना छोटे कारोबारियों को बैंकों, एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से आसान ऋण दिलाने का एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है, जिससे वित्तीय समावेश (credit inclusion) को बढ़ावा मिल रहा है।

मुद्रा योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत गैर-कॉरपोरेट और कृषि से इतर आय पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए 20 लाख रुपये तक का 'कोलेटरल-फ्री' (बिना गारंटी) संस्थागत ऋण आसानी से उपलब्ध है। अब तक इस योजना के माध्यम से 57.79 करोड़ ऋण खातों में 40.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है, जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमों की नींव को और अधिक मजबूत बना रही है।

क्या है मुद्रा योजना और इसके तीन हिस्से?

मुद्रा योजना के तहत सरकार तीन तरह के लोन देती है, जो आपके बिजनेस की जरूरत के हिसाब से तय होते हैं

  • शिशु लोन (Shishu Loan): इसके तहत 50,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह उन लोगों के लिए है जो अभी अपना बिजनेस शुरू ही कर रहे हैं।
  • किशोर लोन (Kishor Loan): इसमें 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का कर्ज मिलता है। यह उन उद्यमियों के लिए है जिनका बिजनेस शुरू हो चुका है लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत है।
  • तरुण लोन (Tarun Loan): यह 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन है, जो अच्छी तरह से स्थापित हो चुके छोटे व्यवसायों को विस्तार के लिए दिया जाता है।

किसे मिलता है फायदा?

मुद्रा योजना का लाभ छोटे दुकानदारों, मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, सेवा क्षेत्र के बिजनेस (जैसे सैलून, रिपेयर शॉप), सब्जी विक्रेताओं, ट्रक मालिकों और कारीगरों को मिलता है। इसमें सबसे खास बात यह है कि लोन लेने के लिए किसी गारंटी (Collateral) की जरूरत नहीं होती। यानी आपको अपनी कोई संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं है। इसे आप किसी भी सरकारी, निजी, विदेशी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं।

किसे नहीं मिलता लोन?

यद्यपि यह योजना सभी छोटे व्यापारियों के लिए है, लेकिन कुछ बुनियादी नियम हैं। यदि आपने पहले किसी बैंक से लिया हुआ लोन डिफॉल्ट किया है या आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर बहुत खराब है, तो बैंक लोन देने से मना कर सकता है। इसके अलावा, मुद्रा लोन का उपयोग केवल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए ही किया जा सकता है; आप इसे व्यक्तिगत खर्चों या किसी अन्य निजी काम के लिए नहीं ले सकते।

पिछले 11 वर्षों में मुद्रा योजना ने न केवल करोड़ों लोगों को अपना काम शुरू करने में मदद की है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसने विशेष रूप से महिलाओं, पिछड़े वर्गों और युवाओं को बिना किसी झंझट के लोन दिलाकर उन्हें 'जॉब सीकर्स' (नौकरी खोजने वाले) से 'जॉब क्रिएटर्स' (नौकरी देने वाले) बनाया है। पीएम मोदी ने भी इस योजना की सराहना करते हुए कहा है कि यह 'आत्मनिर्भर भारत' की नींव को मजबूत कर रही है।

आवेदन कैसे करें?

मुद्रा लोन के लिए आवेदन करना काफी सरल है। आपको अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाना होगा, जहां आपको एक आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके साथ आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र, बिजनेस का पता, और बिजनेस प्लान की जानकारी देनी होगी। बैंक आपके बिजनेस की viability (व्यवहार्यता) को देखते हुए लोन मंजूर करता है। मुद्रा योजना ने पिछले 11 सालों में यह साबित कर दिया है कि अगर सही समय पर सही आर्थिक सहायता मिले, तो कोई भी छोटा बिजनेस एक बड़ी सफलता की कहानी बन सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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