PPF Wealth Calculator 2026: सुरक्षित और टैक्स-फ्री निवेश विकल्पों में PPF (Public Provident Fund) को सबसे भरोसेमंद योजनाओं में गिना जाता है। अगर आप लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं और टैक्स बचाना चाहते हैं तो इस सरकारी योजना में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम की खास बात ये है कि आपकी छोटी-छोटी मासिक बचत भी समय के साथ बड़ा कॉर्पस तैयार कर सकती है।
EEE कैटेगरी का निवेश

PPF (Photo: iStock)
PPF स्कीम में सरकार की ओर से तय ब्याज दर लागू होती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि इसमें जमा रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों टैक्स-फ्री होती हैं। यही कारण है कि इसे EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी का निवेश माना जाता है।
22.5 लाख का फंड ऐसे होगा तैयार
उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति हर महीने 12,500 रुपये PPF में निवेश करता है और इसे लगातार 15 साल तक जारी रखता है, तो वह मैच्योरिटी पर बड़ा टैक्स-फ्री फंड तैयार कर सकता है। हर महीने 12,500 रुपये यानी सालाना 1.5 लाख रुपये PPF खाते में जमा करने पर 15 साल में कुल निवेश लगभग 22.5 लाख रुपये होगा। पीपीएफ पर मौजूदा ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है, जिसके आधार पर यह रकम लगभग 40,68,209 रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें बड़ा हिस्सा ब्याज से मिलने वाले रिटर्न का होता है।
| डिटेल्स | जानकारी |
|---|---|
| सालाना निवेश | ₹1,50,000 |
| टाइम पीरियड | 15 साल |
| ब्याज की दर | 7.1% सालाना (अनुमानित) |
| कुल निवेश | ₹22,50,000 |
| कुल अनुमानित ब्याज | करीब ₹18,18,209 |
| मैच्योरिटी वैल्यू | करीब ₹40,68,209 |
क्यों करें PPF में निवेश
PPF लंबी अवधि के लक्ष्यों जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य की सुरक्षा के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। क्योंकि इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता, इसलिए जोखिम कम माना जाता है। यही वजह है कि निवेशक अक्सर इसे अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग का हिस्सा बनाते हैं।
कितना है न्यूनतम-अधिकतम निवेश
PPF अकाउंट किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसमें न्यूनतम 500 रुपये सालाना निवेश करना जरूरी होता है, जबकि अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। निवेशक चाहें तो एकमुश्त रकम जमा कर सकते हैं या पूरे साल छोटी-छोटी किस्तों में निवेश कर सकते हैं।
आंशिक निकासी की मिलेगी सुविधा
इस स्कीम की लॉक-इन अवधि 15 साल होती है। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी और लोन सुविधा भी उपलब्ध होती है। मैच्योरिटी के बाद खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाने का विकल्प भी दिया जाता है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की मानें तो PPF में जल्दी निवेश शुरू करने से कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलता है। अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो रिटायरमेंट तक वह काफी बड़ा टैक्स-फ्री फंड तैयार कर सकता है।
