PPF Vs Gold: अगर आप भी इस समय गोल्ड या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के बीच कंफ्यूज हैं कि आखिर कहां निवेश करें, तो हम आपके लिए आसान तुलना लेकर आए हैं। ये तीनों विकल्प लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इनकी खासियत और रिटर्न अलग-अलग हैं। आइए जानते हैं किसमें है आपके लिए सबसे ज्यादा फायदा।
गोल्ड (Gold) इन्वेस्टमेंट
सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। पिछले कुछ सालों में इसकी कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। साल 2015 में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड की कीमत करीब ₹26,000 थी, जो 2024 में ₹64,000 और अब 2025 में लगभग ₹1 लाख तक पहुंच गई है। यानी लंबे समय में गोल्ड ने महंगाई को मात दी है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव भी आता है, इसलिए यह थोड़ा रिस्की निवेश है। निवेशक चाहें तो गोल्ड ज्वेलरी, सिक्कों, या फिर डिजिटल तरीके जैसे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और गोल्ड ETF में पैसा लगा सकते हैं। खासकर SGB बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें हर साल 2.5% अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) इन्वेस्टमेंट
PPF सरकार की गारंटी वाली स्कीम है, जो लंबी अवधि में सुरक्षित और स्थिर रिटर्न देती है। फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिलता है। इसमें बाजार का कोई रिस्क नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित है। इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल है, जिसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
कौन सा निवेश आपके लिए सही है?
अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और रिस्क लेने को तैयार हैं, तो गोल्ड आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप गारंटीड और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं और लंबे समय तक पैसा लॉक कर सकते हैं, तो PPF आपके लिए सही रहेगा। इसके अलावा अगर आप सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं, साथ ही शॉर्ट टर्म निवेश की योजना है, तो FD आपके लिए अच्छा विकल्प है।
