PMI Services Index:कारोबारी गतिविधियों, बिक्री और नौकरियों में नरमी के चलते भारत में फरवरी में सेवा क्षेत्र (Service Sector) की वृद्धि सुस्त पड़ गई। एक मासिक सर्वेक्षण में मंगलवार को यह बात सामने आई है। एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक फरवरी में 60.6 रहा, जो इससे पहले जनवरी में 61.8 था।खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से अधिक अंक का अर्थ है कि गतिविधियों में विस्तार हो रहा है, जबकि 50 से कम अंक संकुचन को दर्शाता है। हालांकि, यह लगातार 31वें महीने 50 के स्तर से ऊपर बना रहा है जो इस बात का संकेत है कि सर्विस सेक्टर की कारोबारी गतिविधियों में विस्तार जारी रहा है। जनवरी में सर्विसेज पीएमआई 61.8 पर रहा था
क्यों आई कमी
एचएसबीसी की अर्थशास्त्री इनेस लैम के अनुसार भारत की सेवा पीएमआई से पता चलता है कि सेवा क्षेत्र में विस्तार की गति जनवरी के मुकाबले फरवरी में कम हो गई है। सर्वेक्षण के मुताबिक फरवरी में व्यावसायिक गतिविधि सूचकांक में कमी आई, लेकिन ऐतिहासिक रूप से यह मजबूत बना रहा। भारत में सेवा कंपनियों को विदेश से मिलने वाले नए कारोबार में लगातार तेरहवें महीने वृद्धि हुई। सर्वेक्षण के मुताबिक भविष्य की व्यावसायिक गतिविधि के लिए सेवा कंपनियों का पूर्वानुमान सकारात्मक रहा, हालांकि यह पहले के मुकाबले थोड़ा कमजोर पड़ गया।
मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां 5 महीने के टॉप पर
इसके पहले फैक्ट्री उत्पादन और बिक्री में तेज बढ़ोतरी के बीच फरवरी में भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी। जिसमें घरेलू और बाहरी मांगों की अहम भूमिका रही। बीते शुक्रवार को मासिक सर्वेक्षण से देश का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बेहतर होने की तस्वीर सामने आई। यह सितंबर, 2023 के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सबसे अच्छी स्थिति की ओर इशारा करता है। 'एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक' (पीएमआई) फरवरी में बढ़कर 56.9 हो गया जबकि जनवरी में यह 56.5 था।
