पुराना घर खरीदना कई लोगों के लिए नए मकान के मुकाबले कम खर्च वाला विकल्प हो सकता है। पुराने घर अक्सर ऐसे इलाकों में मिलते हैं, जहां सड़क, बाजार, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद होती हैं। लेकिन अगर आप पुराने घर को खरीदने के लिए होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो केवल घर की कीमत और मासिक किस्त यानी EMI देखकर फैसला न करें। घर के कागजात, उसकी हालत और कानूनी स्थिति की जांच करना भी जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसी 7 बातें, जिनका ध्यान पुराने घर की खरीदारी से पहले रखना चाहिए।
इन 7 बातों का रखें ध्यान
1. घर की हालत की जांच करें: पुराना घर खरीदते समय उसकी उम्र से ज्यादा उसकी मौजूदा हालत पर ध्यान दें। दीवारों में दरार, छत से पानी टपकने, सीलन और बिजली-पानी की व्यवस्था की जांच करें। जरूरत पड़ने पर किसी इंजीनियर से घर की मजबूती की जांच भी कराएं। इससे भविष्य में होने वाले बड़े खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है।
2. मरम्मत और सजावट का खर्च जोड़ें: पुराने घर को रहने लायक बनाने के लिए कई बार मरम्मत और बदलाव कराने पड़ते हैं। इसलिए घर की कीमत के साथ मरम्मत, रंगाई-पुताई और अन्य कामों का खर्च भी जोड़ें। उदाहरण के लिए, अगर घर की कीमत 70 लाख रुपये है और मरम्मत पर 8 लाख रुपये खर्च होने हैं, तो कुल खर्च 78 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
3. मालिकाना हक के कागजात जांचें: घर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि बेचने वाला व्यक्ति उसका कानूनी मालिक है। रजिस्ट्री, पुराने बिक्री दस्तावेज और मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करें। जरूरत पड़ने पर किसी वकील की मदद लें, ताकि भविष्य में संपत्ति को लेकर विवाद न हो।
4. घर पर पुराने कर्ज या विवाद की जांच करें: यह पता करना जरूरी है कि घर पर पहले से कोई लोन, बकाया या कानूनी विवाद तो नहीं है। संपत्ति पर किसी बैंक का कर्ज होने या किसी अन्य व्यक्ति का दावा होने से खरीदारी में परेशानी हो सकती है। संबंधित दस्तावेजों की जांच करके स्थिति स्पष्ट करें।
5. नक्शा और जरूरी मंजूरी देखें: पुराने मकान में कई बार मूल निर्माण के बाद अतिरिक्त कमरा, मंजिल या बालकनी बनाई जाती है। जांचें कि घर का निर्माण मंजूर नक्शे और स्थानीय नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। जरूरी मंजूरी या प्रमाणपत्र नहीं होने पर बैंक लोन देने से मना कर सकता है।
6. रजिस्ट्री और अन्य खर्च समझें: घर खरीदते समय केवल डाउन पेमेंट और EMI का बजट बनाना पर्याप्त नहीं है। रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, मरम्मत और अन्य जरूरी खर्चों को भी ध्यान में रखें। घर खरीदने के बाद लगने वाले रखरखाव के खर्च का अनुमान भी लगाएं।
7. बैंक से लोन की शर्तें समझें: होम लोन देने से पहले बैंक घर के कागजात, कानूनी स्थिति और उसकी कीमत की जांच करता है। पुराने मकान की उम्र, हालत और दस्तावेजों के आधार पर लोन की रकम और अवधि तय हो सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले बैंक से सभी शर्तें समझ लें।
पुराना घर खरीदना तभी फायदेमंद हो सकता है, जब उसकी कीमत, हालत और कानूनी दस्तावेज सही हों। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय घर की पूरी जांच करें और अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही होम लोन लें।
