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Pi Coin Burning: Pi नेटवर्क में शुरू हो गयी Coin Burning? आखिर क्या होता है इसका मतलब, निवेशकों को फायदा होगा या नुकसान

Pi Coin Burning: क्रिप्टोकरेंसी वर्ल्ड में, "क्रिप्टो बर्निंग" या "टोकन बर्निंग" का मतलब एक निश्चित संख्या में टोकन को सर्कुलेशन से स्थायी रूप से हटाना है। इन कॉइन को एक अप्रयुक्त एडरेस पर भेजकर, उन्हें प्रभावी रूप से नष्ट कर दिया जाता है और कुल सप्लाई को कम कर दिया जाता है।

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Pi Coin की बर्निंग को लेकर अटकलें तेज

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • Pi Coin की बर्निंग को लेकर अटकलें तेज
  • कुल सप्लाई में आई गिरावट
  • केवआईसी पूरी न करने वालों के कॉइन खत्म होने का अनुमान

Pi Coin Burning: Pi नेटवर्क की कोर टीम की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि PI कॉइन के लिए "कॉइन बर्न" कार्यक्रम शुरू हो गया है। हालाँकि, Pi नेटवर्क से जुड़े कुछ मैकेनिज्म और घटनाएँ ऐसी हैं, जिनके कारण कॉइन बर्निंग के बारे में अटकलें और चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। ऐसी अटकलें खासकर टोटल सप्लाई कम करने होने के कारण लगाई जा रही हैं। बायनेंस पोर्टल के अुसार Pi Network मैकेनिज्म में, पाई कॉइन को कुछ तरीकों से सर्कुलेशन से हटाया जा सकता है, जिन्हें "बर्निंग" समझा जा सकता है। कौन से हैं वो तरीके, क्या होता है कॉइन बर्निंग और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने, आगे जानिए इन सवालों के जवाब।

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कैसे-कैसे हो सकते हैं Pi Coin बर्न

Pi ब्लॉकचेन पर ट्रांजेक्शन फीस, जो स्टेलर प्रोटोकॉल पर बनाया गया है, कलेक्ट किया जाता है और सर्कुलेशन से हटा दिया जाता है, इंफ्लेशन को मैनेज करने के लिए प्रभावी रूप से "बर्न" होगा।

मार्च 2025 की शुरुआत में X पर किए गए पोस्ट से पता चलता है कि तब तक लगभग 528,671 PI को इस तरह से बर्न किया गया था। अनुमानित 3,000-4,000 PI प्रतिदिन बर्न किए गए थे। यह बर्निंग की कोई नई "शुरुआत" नहीं है, बल्कि मेननेट लॉन्च के बाद से नेटवर्क के डिज़ाइन का एक तरीका है।

घट गयी पाई कॉइन की सप्लाई

कॉइन बर्न का दूसरा तरीका है अनवेरिफाइड खातों (जिन्होंने केवाईसी नहीं किया) से जुड़े PI कॉइन को भी सर्कुलेशन से हटाया जा सकता है। KYC प्रोसेस यूजर्स के लिए अपने कॉइन को मेननेट पर ट्रांसफर करने के लिए बड़ा कदम रही, जिसे आधिकारिक तौर पर 20 फरवरी, 2025 को शुरू किया गया था।

इस दौरान पाई कॉइन की सप्लाई भी घटी। 18 मार्च, 2025 को X की एक हालिया पोस्ट में दावा किया गया है कि कुल सप्लाई 6.99 बिलियन तक गिर गई, जिसके पीछे अनवेरिफाइड खातों के कॉइन को हटाना अहम कारण है।

क्रिप्टो बर्निंग से घटती है सप्लाई

क्रिप्टोकरेंसी वर्ल्ड में, "क्रिप्टो बर्निंग" या "टोकन बर्निंग" का मतलब एक निश्चित संख्या में टोकन को सर्कुलेशन से स्थायी रूप से हटाना है। इन कॉइन को एक अप्रयुक्त एडरेस पर भेजकर, उन्हें प्रभावी रूप से नष्ट कर दिया जाता है और कुल सप्लाई को कम कर दिया जाता है।

क्या पड़ेगा निवेशकों पर असर

बर्निंग से कॉइन सर्कुलेशन से बाहर हो जाते हैं, जिससे उस क्रिप्टोकरेंसी की सप्लाई कम हो जाती है। इससे उस कॉइन की मांग बढ़ेगी, जिससे वैल्यू में वृद्धि होगी। यानी ये निवेशकों के लिए फायदेमंद है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर क्रिप्टोकरेंसी की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। क्रिप्टोकरेंसी में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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