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जल्द सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल, 1 साल से ज्यादा समय के बाद दोबारा घटेंगे तेल के दाम

Petrol Diesel Prices: देश के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। जी हां, देश में जल्द ही पेट्रोल और डीजल सस्ता हो सकता है। फ्यूल के दामों में कटौती करने के लिए सरकार ने बातचीत शुरू कर दी है। सरकार इस तथ्य से अवगत है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अभी बेहतर वित्तीय स्थिति में हैं।

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सरकार का मानना है कि सस्ते कच्चे तेल का फायदा आम लोगों को भी मिलना चाहिए

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Petrol Diesel Prices: देश के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। जी हां, देश में जल्द ही पेट्रोल और डीजल सस्ता हो सकता है। फ्यूल के दामों में कटौती करने के लिए सरकार ने बातचीत शुरू कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने हमारे सहयोगी वेबसाइट ईटी नाउ को बताया कि सरकार इस तथ्य से अवगत है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अभी बेहतर वित्तीय स्थिति में हैं। सरकार का मानना है कि सस्ते कच्चे तेल का फायदा आम लोगों को भी मिलना चाहिए। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने आखिरी बार पिछले साल मई में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती की थी।

शानदार रहे हैं ओएमसी के पिछली तिमाही के नतीजे

सरकार के उच्चाधिकारियों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कोई अंडर-रिकवरी नहीं है और तेल की बिक्री पर ही मुनाफा कमा रहे हैं। इसके अलावा, ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) के पिछली तिमाही के नतीजे भी शानदार रहे हैं, जिसने फैसला लेने वालों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित कमी पर विचार करने के लिए मजबूर किया है।

तेल के उत्पादन को कम करने का फैसला

जहां सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से डीजल और पेट्रोल की कीमतें कम करने के लिए कहा है, वहीं सूत्रों ने ईटी नाउ को बताया है कि तेल उत्पादकों ने उत्पादन में और कटौती करने का फैसला किया है और वे सरकार के कदम पर इंतजार करने और फैसला लेने की स्थिति में हैं। हालांकि, सूत्रों ने ईटी नाउ को बताया कि तेल उत्पादकों के फैसले का घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सीमित प्रभाव पड़ेगा क्योंकि बाजार में तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।

ओएमसी का एकोमोडेटिव लॉस 1.64 लाख करोड़ रुपये

सूत्रों ने ये भी कहा कि ओएमसी का एकोमोडेटिव लॉस अभी भी ज्यादा है और ये वर्तमान में सामूहिक रूप से 1.64 लाख करोड़ रुपये है। ओएमसी सूत्रों ने कहा कि उत्पादन को लेकर फैसला विभिन्न कारकों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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