Petrol-Diesel Rate: भारतीयों को अब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के लंबे समय तक निचले स्तर पर बने रहने की उम्मीद करनी चाहिए ताकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर राहत मिल सके। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले कुछ सालों से काफी ऊंचे लेवल पर बनी हुई हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि बहुत जल्द ही अब पेट्रोल और डीजल के रेट घट सकते हैं।
ये भी पढ़ें -
घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक कम रहती है तो तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों में कटौती पर विचार करेंगी।
हाल ही में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं, जिससे फ्यूल मार्केटिंग कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ गई है और महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे प्रमुख राज्यों में चुनावों से पहले पेट्रोल की कीमतों में कटौती का रास्ता साफ हो गया है।
आखिरी बार कब घटे थे दाम
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल या डीजल की कीमतों में कटौती नहीं की गई है। आखिरी बार मार्च में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती हुई थी। तब से पेट्रोल, डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिली है।
मंगलवार को प्राइमरी इंटरनेशनल ऑयल कॉन्ट्रैक्ट ब्रेंट क्रूड, दिसंबर 2021 के बाद पहली बार 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गया, क्योंकि ये चिंता बन गई थी कि आर्थिक विकास धीमा होने से ईंधन की मांग कम हो रही है।
अभी कितना है रेट
कई राज्यों में अभी भी पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है, जबकि डीजल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर से ऊपर है। भारत, जो दुनिया भर में तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है, अपनी तेल आवश्यकताओं के 87% से अधिक के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भर करता है।
